पीएम मोदी की 3 देशों की यात्रा आज से शुरू! इंडोनेशिया दौरे पर ब्रह्मोस मिसाइल डील को मिल सकती है रफ्तार
भारत के लिए ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात अब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा कूटनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। फिलीपींस को ब्रह्मोस सिस्टम की आपूर्ति पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि वियतनाम और इंडोनेशिया के साथ भी इस मामले में एडवांस स्तर की बातचीत चल रही है।

In Short
- इंडोनेशिया दौरे में ब्रह्मोस मिसाइल डील पर बड़ी बातचीत की उम्मीद
- पीएम मोदी की 3 देशों की यात्रा, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस
- ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार, तकनीक और इंडो-पैसिफिक सहयोग को मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से शुरू हो रही अपनी तीन दिन की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की खरीद को लेकर अहम बातचीत कर सकते हैं। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच चरणबद्ध तरीके से ब्रह्मोस सिस्टम की खरीद पर चर्चा होने की उम्मीद है। यह बातचीत मार्च में हुए शुरुआती एक सिस्टम के समझौते से आगे बढ़ेगी। इसमें तटीय और मोबाइल लॉन्चर, रडार, ट्रेनिंग, रखरखाव और पूरी सपोर्ट सर्विस भी शामिल हो सकती है।
भारत के लिए ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात अब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा कूटनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। फिलीपींस को ब्रह्मोस सिस्टम की आपूर्ति पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि वियतनाम और इंडोनेशिया के साथ भी इस मामले में एडवांस स्तर की बातचीत चल रही है।
भारत ने 2022 में फिलीपींस के साथ 37.5 करोड़ डॉलर का समझौता किया था, जिसके तहत तटीय ब्रह्मोस सिस्टम की डिलीवरी 2024 से शुरू हुई। यह ब्रह्मोस मिसाइल का पहला निर्यात था।
ब्रह्मोस भारत और रूस का ज्वाइंट प्रोजेक्ट है और इसे दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है। अगर इंडोनेशिया यह सौदा करता है, तो वह फिलीपींस के बाद ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा विदेशी देश होगा। इससे भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को भी नई मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा में समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग में सहयोग और हिंद महासागर तथा आसियान क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी खास जोर रहने की उम्मीद है।
पीएम की तीन देशों की यात्रा का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई 2026 तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के तीन देशों के दौरे पर रहेंगे। दौरे की शुरुआत 6-8 जुलाई को इंडोनेशिया से होगी, जहां राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वह द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
2018 में भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) का दर्जा दिया गया था और उसके बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। प्रधानमंत्री इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे और राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे।
इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese के निमंत्रण पर मेलबर्न जाएंगे, जहां रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा, लोगों के बीच संपर्क, उभरती और महत्वपूर्ण तकनीकों तथा खेल और स्पोर्ट्स साइंस में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। मेलबर्न में भी वह भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री Christopher Luxon के निमंत्रण पर ऑकलैंड जाएंगे। यहां दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करने पर बातचीत होगी।
उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के जरिए व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी', 'महासागर विजन (MAHASAGAR Vision)' और मुक्त, खुले एवं समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

