
पाकिस्तान से रिश्ते और आतंकवाद पर अमेरिका का रुख... मार्को रुबियो ने भारत को लेकर क्या कहा?
पाकिस्तान के साथ अमेरिका की बढ़ती नजदीकी का भारत-अमेरिका रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा? अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में इस सवाल का जवाब दिया। उन्होंने आतंकवाद और भारत-पाकिस्तान तनाव पर भी अमेरिका का रुख साफ किया। जानिए रुबियो ने क्या कुछ कहा।

In Short
- पाकिस्तान से अमेरिका की दोस्ती भारत के साथ रिश्तों पर असर नहीं डालेगी: रुबियो।
- भारत-पाकिस्तान के बीच एक और युद्ध नहीं चाहता अमेरिका: मार्को रुबियो।
- आतंकवाद पर भारत-अमेरिका की चिंताएं एक जैसी, रुबियो ने दिया बड़ा बयान।
भारत और अमेरिका के रिश्तों के बीच पाकिस्तान के साथ वॉशिंगटन की बढ़ती नजदीकी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आजतक के साथ खास बातचीत की। भारत दौरे पर आए रुबियो ने आतंकवाद, भारत-पाकिस्तान तनाव और दोनों देशों के साथ अमेरिकी रिश्तों को लेकर अपना रुख साफ किया। इस दौरान भारत में अमेरिकी दूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे। यह एक्सक्लूसिव इंटरव्यू आज रात 8 बजे इंडिया टुडे पर प्रसारित होगा।
पाकिस्तान से रिश्ते भारत की कीमत पर नहीं
मुंबई के ताज होटल में बातचीत के दौरान मार्को रुबियो से पूछा गया कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के बढ़ते रिश्तों का भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर क्या असर पड़ेगा।
इस सवाल पर रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के रिश्ते किसी भी तरह भारत के साथ उसकी साझेदारी की कीमत पर नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि आतंकवाद को लेकर भारत और अमेरिका की चिंताएं एक जैसी हैं।
गौरतलब है कि मुंबई का ताज होटल 2008 के 26/11 आतंकी हमलों के दौरान निशाना बनाए गए प्रमुख ठिकानों में शामिल था।
पाकिस्तान से दोस्ती क्यों रखना चाहता है अमेरिका?
रुबियो ने बताया कि अमेरिका को दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ रिश्ते बनाए रखने की जरूरत है। पाकिस्तान भी इनमें शामिल है।

उनके मुताबिक, पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी रखने से अमेरिका को कई मुद्दों पर उसके फैसलों को प्रभावित करने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी लंबे समय से मजबूत रही है। वहीं, हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ भी अमेरिकी रिश्ते बेहतर हुए हैं।
भारत-पाकिस्तान तनाव पर क्या बोले रुबियो?
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को लेकर रुबियो ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच हालात को बड़े टकराव में बदलने से रोकना चाहता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक और युद्ध नहीं देखना चाहता। इसके लिए वॉशिंगटन रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।
रुबियो ने दोनों देशों को व्यापार और कारोबार पर ध्यान देने की सलाह भी दी। उनके मुताबिक, आपसी सहयोग बढ़ने से क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का दिया उदाहरण
आतंकवाद के मुद्दे पर रुबियो ने कहा कि अमेरिका इसके खिलाफ कार्रवाई करने में सबसे आगे रहा है।
उन्होंने इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा के खिलाफ अमेरिकी अभियानों का जिक्र किया। साथ ही ओसामा बिन लादेन को मारने वाले ऑपरेशन और अफ्रीका में आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का उदाहरण दिया।
रुबियो ने कहा कि आतंकवाद भारत समेत कई देशों के लिए चिंता का विषय है और अमेरिका इसके खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दिखाता रहा है।

