Jio IPO पर बड़ा अपडेट! 4 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी, रिलायंस की AGM में मिल सकते हैं अहम संकेत
रिलायंस समूह की टेलीकॉम कंपनी जियो को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है। रिपोर्ट्स में संकेत मिले हैं कि कंपनी जल्द ही एक अहम कदम उठा सकती है। अगर ऐसा होता है तो इसका असर जियो की वैल्यूएशन, रिलायंस के शेयरों और पूरे बाजार पर देखने को मिल सकता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी जियो इन्फोकॉम का IPO अब जल्द ही आ सकता है। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी करीब 4 अरब डॉलर के आईपीओ के लिए अगले कुछ दिनों में ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर सकती है।
यह कदम रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के 19 जून को होने वाले सालाना शेयरधारक सम्मेलन (AGM) से ठीक पहले उठाया जा सकता है।
पिछले साल अंबानी ने शेयरधारकों से कहा था कि जियो का IPO 2026 की पहली छमाही में आएगा, लेकिन तय समयसीमा पूरी नहीं हो सकी। अब बाजार की नजर AGM पर टिकी है, जहां इस संबंध में कोई बड़ा संकेत मिल सकता है।
क्यों हुई देरी?
रिपोर्ट के अनुसार, IPO प्रक्रिया इस साल शुरू हो सकती है। देरी की एक वजह भारत के इक्विटी बाजारों में नरमी और अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण बना वैश्विक अनिश्चितता का माहौल माना जा रहा है। हालांकि जियो अकेली ऐसी कंपनी नहीं है, जिसकी लिस्टिंग योजना तय समय से पीछे खिसकी है।
इस बीच जियो ने अपने कारोबार का विस्तार 5G, JioFiber, JioAirFiber, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं तक कर लिया है।
जियो के पास 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहक
2016 में लॉन्च के बाद जियो ने सस्ते डेटा प्लान और तेज 4G विस्तार के दम पर भारतीय टेलीकॉम बाजार की तस्वीर बदल दी थी। आज जियो प्लेटफॉर्म्स के तहत कंपनी के पास 50 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं। इसके अलावा ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज क्लाउड, डिजिटल कंटेंट और AI इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कारोबार भी इसके पोर्टफोलियो में शामिल हैं।
साल 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स ने Meta, Google, Silver Lake, KKR, Vista Equity Partners और कई ग्लोबल निवेशकों से 1.52 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। उस समय कंपनी का वैल्यूएशन करीब 4.9 लाख करोड़ रुपये आंका गया था।
IPO के पैसों का इस्तेमाल कहां करेगी कंपनी?
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू हो सकता है। मार्च 2026 में रिलायंस ने ऑफर फॉर सेल (OFS) मॉडल से हटने का फैसला किया था। इसका मतलब है कि IPO से जुटाई गई रकम सीधे जियो के पास जाएगी, जिसका इस्तेमाल कर्ज घटाने, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क विस्तार में किया जा सकता है।
रिलायंस के वैल्यूएशन पर भी नजर
बाजार में जियो का वैल्यूएशन 3 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये के बीच आंका जाता रहा है। हालांकि अगर शेयर बाजार में इसका वैल्यूएशन 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर होता है, तो रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की भी नई वैल्यूएशन कहानी शुरू हो सकती है।

