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गलत ITR अपलोड होने पर टैक्सपेयर को मिली राहत, ITAT ने माना CA की गलती, हटाया ₹17.41 लाख का जुर्माना

ITR में हुई एक गलती ने टैक्सपेयर को ₹17.41 लाख के जुर्माने तक पहुंचा दिया था। लेकिन जब सामने आया कि यह गलती CA फर्म की वजह से हुई है, तो ITAT ने बड़ा फैसला सुनाते हुए राहत दे दी। जानिए कैसे दस्तावेजों और हलफनामे ने बचाई टैक्सपेयर की बड़ी रकम।

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In Short

  • CA फर्म की गलती से गलत ITR फाइल हुई, टैक्सपेयर पर लगा ₹17.41 लाख का जुर्माना ITAT ने हटाया।
  • ITAT ने माना कि रिटर्न में गड़बड़ी जानबूझकर टैक्स चोरी के इरादे से नहीं हुई थी।
  • CA फर्म के हलफनामे और दस्तावेजों के आधार पर टैक्सपेयर को मिली बड़ी राहत।

ITAT Mumbai decision: मुंबई के एक टैक्सपेयर को इनकम टैक्स मामले में बड़ी राहत मिली है। इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने ₹17.41 लाख के जुर्माने को हटा दिया है। ट्रिब्यूनल ने माना कि ITR में हुई गलती जानबूझकर टैक्स बचाने के लिए नहीं की गई थी, बल्कि यह CA फर्म की गलती की वजह से हुई थी।

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रिवाइज्ड ITR में दिखा बड़ा अंतर

यह मामला असेसमेंट ईयर 2017-18 का है। टैक्सपेयर ने 28 नवंबर 2017 को अपना पहला इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया था। इसमें उसने ₹1.59 लाख का नुकसान दिखाया था।

इसके बाद 7 अप्रैल 2018 को रिवाइज्ड ITR दाखिल किया गया। इस रिटर्न में नुकसान की रकम बढ़कर ₹1.06 करोड़ बताई गई। दोनों रिटर्न में इतना बड़ा अंतर देखकर इनकम टैक्स विभाग को शक हुआ।

विभाग को लगा कि टैक्सपेयर ने गलत जानकारी दी है और आय को लेकर गड़बड़ी की गई है। इसके बाद टैक्स विभाग ने इनकम टैक्स एक्ट की धारा 270A के तहत कार्रवाई की और ₹17.41 लाख का जुर्माना लगा दिया।

टैक्सपेयर ने बताई CA फर्म की गलती

टैक्सपेयर ने अपनी सफाई में कहा कि रिवाइज्ड ITR में यह गलती जानबूझकर नहीं हुई थी। उसका कहना था कि CA फर्म के ऑफिस से गलती से गलत रिटर्न अपलोड हो गया था।

अपनी बात साबित करने के लिए टैक्सपेयर ने CA फर्म के मालिक का हलफनामा भी जमा किया। इसमें CA फर्म के मालिक ने माना कि रिटर्न दाखिल करते समय गलती से गलत फाइल अपलोड हो गई थी।

ITAT ने हटाया ₹17.41 लाख का जुर्माना

मामले की सुनवाई के दौरान मुंबई बेंच के ITAT ने सभी दस्तावेजों और हलफनामे को देखा। ट्रिब्यूनल ने कहा कि टैक्सपेयर की तरफ से जानबूझकर टैक्स चोरी करने या गलत जानकारी देने का कोई सबूत नहीं मिला।

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ITAT ने CA फर्म की ओर से बताई गई गलती को सही माना और कहा कि यह एक अनजानी गलती थी। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने ₹17.41 लाख के जुर्माने को रद्द कर दिया और टैक्सपेयर को राहत दे दी।

ITR भरते समय जांच करना जरूरी

इस मामले से यह साफ होता है कि टैक्सपेयर अपनी ITR फाइलिंग के लिए जिम्मेदार होते हैं, लेकिन अगर कोई गलती बिना किसी गलत इरादे के हुई है और उसके सबूत मौजूद हैं, तो उसे अलग नजर से देखा जा सकता है।

यह फैसला यह भी बताता है कि ITR जमा करने से पहले सभी जानकारी को ध्यान से जांच लेना चाहिए और जरूरी दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी परेशानी की स्थिति में अपनी बात साबित की जा सके।

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