भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, सिर्फ 1% बातचीत बाकी: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील अंतिम चरण में पहुंच गई है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक अब सिर्फ 1% बातचीत बाकी है। समझौता जल्द होने की उम्मीद है, जिससे व्यापार, निवेश, रक्षा, टेक्नोलॉजी और रणनीतिक साझेदारी को नया बल मिलने की संभावना है।

In Short
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, अमेरिकी राजदूत के मुताबिक अब सिर्फ 1% बातचीत बाकी है।
- समझौता होने से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और रक्षा सहयोग को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत संबंधों को भी इस डील के लिए अहम माना जा रहा है।
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि इस समझौते को पूरा होने में अब सिर्फ आखिरी 1 प्रतिशत बातचीत बाकी है।
सर्जियो गोर ने वॉशिंगटन में आयोजित US-India Strategic Partnership Forum Leadership Summit में कहा कि दोनों देशों के बीच करीब 18 महीने से चल रही बातचीत अब अंतिम दौर में है और जल्द ही समझौता होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, इस डील का ज्यादातर हिस्सा पूरा हो चुका है। दोनों पक्षों के कुछ मुद्दे बाकी हैं, लेकिन यह समझौते के आखिरी 1 प्रतिशत हिस्से में है। सर्जियो गोर ने कहा कि वह इस समझौते को जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं क्योंकि यह भारत और अमेरिका दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अच्छे संबंध भी दोनों देशों की साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।
गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी पिछली भारत यात्रा की "बहुत अच्छी यादें" हैं और वह आज भी उस यात्रा का जिक्र करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप जल्द दोबारा भारत यात्रा पर आएंगे।
फिलीपींस में होगी क्वाड की बैठक
अमेरिकी राजदूत ने बताया कि क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक करीब दो हफ्तों में फिलीपींस में होने वाली है। इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है।
भारत-अमेरिका के बीच यह ट्रेड डील दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग व्यापार के साथ-साथ रक्षा, टेक्नोलॉजी, निवेश और रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्रों में भी लगातार मजबूत हो रहा है।

