आलीशान मकान, करोड़ों का खर्च और बैंक खाते... चढ़ावा चोरी केस में अब क्या-क्या खंगाल रही SIT?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। SIT की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नई परतें खुल रही हैं। अब जांच सिर्फ आरोपियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई और पहलू भी जांच के घेरे में आ गए हैं। पढ़ें पूरी खबर।

In Short
- SIT दान गिनने की व्यवस्था और एमओयू के पालन की हर कड़ी की जांच कर रही है।
- आरोपियों की संपत्ति, बैंक खाते और पैसों का हिसाब खंगाला जा रहा है।
- करीब 400 निजी सुरक्षा गार्डों की भूमिका भी जांच एजेंसियों के रडार पर है।
Ram Temple Donation Case:अयोध्या के राम मंदिर की दान पेटियों से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब तेज हो गई है। जांच कर रही एसआईटी (SIT) को शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच फरवरी 2025 में हुए समझौते (MoU) के कई नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ।
इसी वजह से अब दान गिनने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। जानें इसके अलावा क्या-क्या जांच की जा रही है।
क्या-क्या देखा जा रहा है?
सूत्रों के मुताबिक समझौते में तय था कि जब दान पेटियां खोली जाएंगी और पैसे गिने जाएंगे, तब ट्रस्ट और बैंक दोनों के अधिकारी वहां मौजूद रहेंगे। पैसे गिनने वाले कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड भी तय किया गया था।
इसके अलावा बैंक अधिकारियों को हर महीने बदलना, कर्मचारियों की नियमित और अचानक जांच करना, हर दान पेटी का अलग रिकॉर्ड रखना और तय तरीके से पैसे गिनना जैसे नियम भी बनाए गए थे।
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अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इन सभी नियमों का सही तरीके से पालन हुआ था या नहीं। इसके साथ ही रोज की रिपोर्ट, बैंक में पैसे जमा करने की पर्चियां और रजिस्टरों की भी जांच की जा रही है।
आरोपियों की संपत्ति और बैंक खातों की पड़ताल
जांच अब गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों की संपत्ति और पैसों के लेनदेन तक पहुंच गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों से पिछले तीन साल में खरीदी गई जमीन, मकान, गहने और दूसरी संपत्तियों की जानकारी मांगी है।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि उनकी कमाई और खर्च का हिसाब आपस में मेल खाता है या नहीं।
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सूत्रों के अनुसार आरोपी लवकुश ने अपनी पत्नी के नाम पर जमीन खरीदी थी, जिस पर तीन मंजिला आलीशान मकान बना है। इस मकान पर करोड़ों रुपये खर्च होने का अनुमान है।
वहीं आरोपी अनुकल्प की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। टिन्नू यादव के बैंक खातों की जानकारी भी जुटाई गई है और उसके घर से कुछ गहने भी बरामद किए गए हैं।
400 निजी सुरक्षा कर्मी भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां अब मंदिर की सुरक्षा में तैनात करीब 400 निजी सुरक्षा कर्मियों की भूमिका भी देख रही हैं। उनकी ड्यूटी, काम करने का तरीका और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जांच की जा रही है। ये सुरक्षाकर्मी मंदिर के प्रवेश और निकास द्वार, दर्शन मार्ग और चढ़ावा ले जाने वाले रास्तों पर तैनात रहते थे।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि चढ़ावा ले जाते समय सभी नियमों का पालन हुआ था या कुछ लोगों को बिना जांच के आने-जाने की छूट दी जाती थी। इसके लिए ड्यूटी रोस्टर, सीसीटीवी फुटेज, आने-जाने का रिकॉर्ड और अधिकारियों के बयान भी जांचे जा रहे हैं।
दान गिनने की व्यवस्था में बदलाव
चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने और आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद दान गिनने की व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। अभी इस काम में 39 कर्मचारी लगाए गए हैं। इससे पहले 45 कर्मचारी थे, जबकि शुरुआत में सिर्फ 22 कर्मचारी इस काम में लगे हुए थे।

