US-India Trade Deal पर बड़ा अपडेट! अगले 3-4 महीने में साइन हो सकती है डील: रिपोर्ट
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी ट्रेड डील अब फाइनल स्टेज में पहुंचती दिख रही है। समझौते का ड्राफ्ट तैयार होने का दावा किया गया है, लेकिन एक अमेरिकी जांच अभी रास्ते में है। इसी बीच भारत के फार्मा एक्सपोर्ट को लेकर भी नई चिंता सामने आई है।

In Short
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील अगले 3 से 4 महीनों में साइन हो सकती है और दोनों देशों के बीच बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है।
- डील को फाइनल करने से पहले अमेरिका की Section 301 ट्रेड जांच पूरी होना जरूरी है।
- अमेरिका की संभावित ड्रग टैरिफ पॉलिसी से भारत के फार्मा एक्सपोर्ट पर असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है।
US-India Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील की बातचीत अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। दोनों देश एक-दूसरे के बाजार में कारोबार आसान बनाने और ट्रेड से जुड़ी अड़चनों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह डील कब साइन होगी और क्या अगले कुछ महीनों में इस पर मुहर लग सकती है?
3-4 महीने में साइन हो सकती है ट्रेड डील
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट अगले तीन से चार महीने में साइन हो सकता है। एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी ने बुधवार को बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है और डील से जुड़ा पेपर भी तैयार है।
अधिकारी ने फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान फॉरेन मिनिस्टर्स मीटिंग के दौरान नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डील तैयार है और इससे जुड़े कागजात भी मौजूद हैं। हालांकि, इस पर फाइनल साइन होने से पहले अमेरिका की कुछ ट्रेड जांच पूरी होनी बाकी है।
अब सवाल है कि आखिर सेक्शन 301 की यह जांच क्या है और यह डील के रास्ते में आखिरी रुकावट क्यों बनी हुई है?
Section 301 जांच बनी आखिरी रुकावट
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, अब सबसे जरूरी काम वॉशिंगटन की सेक्शन 301 ट्रेड जांच पूरी होना है। इस अमेरिकी कानून के तहत गलत ट्रेड तरीकों से जुड़े मामलों की जांच की जाती है।
अगर जांच में किसी देश की ट्रेड पॉलिसी गलत पाई जाती है, तो अमेरिका उस देश पर टैरिफ लगा सकता है या दूसरे जवाबी कदम उठा सकता है। अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील को फाइनल किया जा सकेगा।
रॉयटर्स के मुताबिक, करीब 60 देशों से जुड़ी ऐसी ही एक जांच जल्द पूरी हो सकती है। इसके नतीजे से भारत समेत कई देशों पर लगने वाले टैरिफ और ट्रेड डील की शर्तों में बदलाव हो सकता है।
अब सवाल है कि भारत पर 12.5% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव क्यों आया और इसका असर किन सामानों पर पड़ सकता है?
भारत पर 12.5% टैरिफ का प्रस्ताव
अमेरिका कई देशों पर 12.5% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दे चुका है। इस लिस्ट में भारत भी शामिल है। यह प्रस्ताव उन सामानों को लेकर लाया गया है, जिनके प्रोडक्शन में जबरन काम करवाने की बात सामने आई है।
इस पर फाइनल फैसला सेक्शन 301 जांच पूरी होने के बाद हो सकता है। यानी ट्रेड डील का पेपर तैयार होने के बाद भी इसके साइन होने का समय इस जांच के नतीजे पर टिका हुआ है।
अब सवाल है कि अमेरिका के ड्रग टैरिफ से भारत के फार्मा एक्सपोर्ट पर कितना असर पड़ सकता है?
फार्मा एक्सपोर्ट पर बढ़ सकती है चिंता
रिपोर्ट में भारत के फार्मा सेक्टर पर पड़ने वाले असर का भी जिक्र किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जेनेरिक दवाओं का इंपोर्ट अगस्त 2028 तक टैरिफ-फ्री रहेगा। इसके बाद इन दवाओं पर भारी टैरिफ लगाया जा सकता है।
भारत अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर की जेनेरिक दवाएं एक्सपोर्ट करता है। यह भारत के कुल फार्मास्यूटिकल एक्सपोर्ट का करीब 38% है। ऐसे में ट्रेड डील के साथ फार्मा टैरिफ पर लिया जाने वाला फैसला भी भारत के लिए काफी जरूरी होगा।

