कई देशों से ट्रेड डील पर बातचीत तेज, भारत के लिए कितना बड़ा बन सकता है मौका?
भारत कम से कम 8 से 9 और देशों या समूहों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहा है। पीयूष गोयल के मुताबिक इन समझौतों से करीब 15 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त अर्थव्यवस्थाएं जुड़ सकती हैं और भारत के FTA दायरे में लगभग 75 फीसदी ग्लोबल ट्रेड आ सकता है।

In Short
- भारत 8 से 9 और देशों या समूहों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहा है
- नए समझौतों से करीब 15 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्थाएं जुड़ सकती हैं
- भारत के FTA भविष्य में करीब 75 फीसदी ग्लोबल ट्रेड को कवर कर सकते हैं
India Free Trade Agreements: भारत आने वाले समय में अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का दायरा और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को टोक्यो में कहा कि भारत कम से कम 8 से 9 और देशों या देशों के समूहों के साथ बातचीत कर रहा है। इन अर्थव्यवस्थाओं की संयुक्त जीडीपी करीब 15 ट्रिलियन डॉलर है।
पीयूष गोयल ने भारत और जापान के बिजनेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पिछले चार वर्षों में नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स कर चुका है। इन समझौतों में 38 विकसित देश शामिल हैं और इनकी संयुक्त जीडीपी करीब 60 ट्रिलियन डॉलर है।
70 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच
गोयल ने कहा कि जापान, कोरिया और आसियान क्षेत्र के साथ पहले किए गए व्यापार समझौतों के जरिए करीब 10 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच मिली है।
इस तरह भारत के पास फिलहाल करीब 70 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए प्रेफरेंशियल मार्केट एक्सेस है। अब जिन 8 से 9 देशों या समूहों के साथ बातचीत चल रही है, उनके जुड़ने से करीब 15 ट्रिलियन डॉलर और जुड़ सकते हैं।
75 फीसदी ग्लोबल ट्रेड कवर करने का लक्ष्य
पीयूष गोयल ने कहा कि इन समझौतों के बाद भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के दायरे में करीब 75 फीसदी ग्लोबल ट्रेड आ सकता है। इससे भारत को ग्लोबल वैल्यू चेन में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में अपनी जगह मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ा घरेलू बाजार है और वह दुनिया के लिए अपने बाजार के दरवाजे लगातार खोल रहा है।
भारत में निवेश के बड़े मौके
पीयूष गोयल 200 से ज्यादा बिजनेस प्रतिनिधियों के बड़े डेलिगेशन का नेतृत्व करते हुए जापान पहुंचे हैं। इस दौरे का मकसद भारत और जापान के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करना है।
गोयल के मुताबिक भारत में डेटा सेंटर्स, मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश के बड़े अवसर मौजूद हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और जापान के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों का लक्ष्य दोनों देशों के बीच संतुलित व्यापार की दिशा में आगे बढ़ना होना चाहिए।

