NRI के PPF का पैसा सीधे विदेश नहीं जाएगा, फिर कैसे पहुंचेगी रकम? जानिए पूरा नियम
NRI अपने मौजूदा PPF अकाउंट को मूल मैच्योरिटी तक जारी रख सकते हैं लेकिन इसकी रकम सीधे विदेशी बैंक अकाउंट में नहीं भेजी जा सकती। मैच्योरिटी के बाद रकम पहले NRO अकाउंट में जाती है और वहां से RBI FEMA और टैक्स नियमों के तहत विदेश भेजी जा सकती है।

In Short
- NRI का मौजूदा PPF अकाउंट मूल मैच्योरिटी तक जारी रह सकता है
- PPF की मैच्योरिटी रकम सीधे विदेश नहीं भेजी जा सकती
- रकम पहले NRO अकाउंट में आएगी और फिर नियमों के तहत विदेश भेजी जा सकती है
नॉन-रेजिडेंट इंडियंस यानी NRI अपने मौजूदा पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF अकाउंट को उसकी मूल मैच्योरिटी तक जारी रख सकते हैं। हालांकि PPF के नियमों के तहत इसकी रकम नॉन-रिपैट्रिएशन आधार पर रहती है। इसका मतलब है कि मैच्योरिटी की रकम को सीधे किसी विदेशी बैंक अकाउंट में ट्रांसफर नहीं कराया जा सकता।
पहले NRO अकाउंट में जाएगी रकम
PPF अकाउंट मैच्योर होने या बंद होने के बाद उसकी रकम भारत में मौजूद NRI के नॉन-रेजिडेंट ऑर्डिनरी यानी NRO अकाउंट में जमा की जा सकती है।
AUM Wealth Pvt. Ltd के फाउंडर और CEO अमित सूरी के मुताबिक PPF के फायदे NRI को नॉन-रिपैट्रिएशन आधार पर ही मिलते हैं। केवल NRI होने की वजह से PPF की रकम सीधे रिपैट्रिएबल नहीं हो जाती।
विदेश कैसे भेजी जा सकती है रकम
PPF की रकम सीधे विदेशी बैंक अकाउंट में नहीं भेजी जा सकती। मैच्योरिटी या क्लोजर के बाद यह रकम पहले NRO अकाउंट में जमा होती है। इसके बाद NRI ऑथराइज्ड डीलर बैंक के जरिए रकम विदेश भेजने के लिए आवेदन कर सकता है। इस प्रक्रिया में FEMA नियमों टैक्स कंप्लायंस और RBI की लागू शर्तों का पालन जरूरी होता है।
1 मिलियन डॉलर PPF की अलग लिमिट नहीं
अमित सूरी के मुताबिक RBI पात्र NRO बैलेंस और एसेट्स से एक वित्त वर्ष में 1 मिलियन डॉलर तक की रकम विदेश भेजने की सुविधा देता है।
हालांकि इसे PPF के लिए अलग 1 मिलियन डॉलर की रिपैट्रिएशन लिमिट नहीं माना जाना चाहिए। यह सुविधा पात्र NRO बैलेंस और एसेट्स के लिए व्यापक RBI फ्रेमवर्क का हिस्सा है।
अगर किसी NRI ने उसी वित्त वर्ष में दूसरे पात्र NRO फंड या एसेट्स से भी रकम विदेश भेजी है तो वह भी इस सालाना लिमिट में शामिल हो सकती है।
NRI बनने के बाद PPF का क्या होगा
NRI बनने पर मौजूदा PPF अकाउंट अपने आप बंद नहीं होता। इसे मूल मैच्योरिटी तक जारी रखा जा सकता है लेकिन मैच्योरिटी के बाद इसका एक्सटेंशन नहीं किया जा सकता।
नियमों के मुताबिक पात्र आंशिक निकासी की अनुमति रहती है। रेजिडेंसी स्टेटस में बदलाव के आधार पर तय पांच साल की अवधि के बाद समय से पहले अकाउंट बंद किया जा सकता है लेकिन इसमें ब्याज दर एक प्रतिशत अंक कम हो जाती है।
मुख्य बात यह है कि PPF की रकम सीधे विदेश नहीं भेजी जा सकती। पहले इसे NRO अकाउंट में लाना होगा और उसके बाद लागू RBI FEMA और टैक्स नियमों के तहत विदेश भेजा जा सकता है।

