भारत में रेयर अर्थ मैग्नेट बनाने की तैयारी तेज, L&T और Coal India समेत 20 कंपनियों ने लगाई बोली
भारत में एक ऐसे सेक्टर को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है, जो आने वाले समय में इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिफेंस और टेक्नोलॉजी की दुनिया में अहम भूमिका निभा सकता है। सरकार की इस पहल में बड़ी कंपनियों की एंट्री ने नई उम्मीदें जगा दी हैं। आखिर क्या है पूरा प्लान?

In Short
- भारी उद्योग मंत्रालय को रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग योजना के तहत 20 कंपनियों से मिली बोली
- L&T, Coal India, 20 Microns और Renew Pvt जैसी कंपनियों ने दिखाई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में रुचि
- सरकार का लक्ष्य भारत में REPM का घरेलू इकोसिस्टम मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करना
भारत में रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की योजना को बड़ी प्रतिक्रिया मिली है। भारी उद्योग मंत्रालय को इस योजना के तहत 20 कंपनियों से बोली मिली है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इसका मकसद देश में Sintered Rare Earth Permanent Magnets यानी REPM के घरेलू प्रोडक्शन को मजबूत करना है। इस कदम से भारत में रेयर अर्थ मैग्नेट बनाने का पूरा सिस्टम तैयार करने की कोशिश की जा रही है, जिससे आगे चलकर घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस योजना में कंपनियों की बढ़ती भागीदारी अब भारत के मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई दिशा देने वाली है।
रेयर अर्थ मैग्नेट बनाने के लिए 20 कंपनियों ने दिखाई रुचि
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारी उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग योजना के तहत कुल 20 कंपनियों ने बोली जमा की है। इन कंपनियों की दिलचस्पी भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने और घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने में है। सरकार इस योजना के जरिए देश में REPM मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है।
L&T और कोल इंडिया समेत कई बड़ी कंपनियां शामिल
रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस योजना में बोली लगाने वाली कंपनियों में Larsen & Toubro यानी L&T, Coal India, 20 Microns और Renew Pvt जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों ने रेयर अर्थ मैग्नेट बनाने के लिए मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने में रुचि दिखाई है।
भारत क्यों बढ़ाना चाहता है रेयर अर्थ मैग्नेट का प्रोडक्शन
रेयर अर्थ मैग्नेट कई हाई-टेक सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत घरेलू स्तर पर इनका प्रोडक्शन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना चाहता है।
सरकार की योजना से मजबूत होगा घरेलू मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क
सरकार की इस पहल का उद्देश्य सिर्फ मैग्नेट बनाना नहीं, बल्कि इससे जुड़ी पूरी सप्लाई चेन तैयार करना है। इसमें कच्चे माल से लेकर तैयार प्रोडक्ट तक देश के अंदर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
बढ़ाया जा सकता है रेयर अर्थ मैग्नेट प्रोग्राम
भारत रेयर अर्थ मैग्नेट प्रोग्राम को और बड़ा करने की योजना पर भी काम कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इस प्रोग्राम को बढ़ाकर 788 मिलियन डॉलर तक ले जाने की तैयारी कर रही है। इससे देश में इस सेक्टर में निवेश और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

