scorecardresearch

भारत और न्यूजीलैंड के बीच जल्द लागू होगा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, भारतीय सामान पर नहीं लगेगा टैरिफ

भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अगले एक महीने में लागू हो सकता है। इसके बाद भारतीय सामान पर न्यूजीलैंड में कोई टैरिफ नहीं लगेगा। दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। जानिए इस समझौते से कारोबार, निवेश और भारतीय छात्रों को क्या फायदा होगा।

Advertisement
AI Generated Image

In Short

  • भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अगले एक महीने में लागू हो सकता है।
  • समझौता लागू होने के बाद भारतीय सामान न्यूजीलैंड में बिना टैरिफ के बेचा जा सकेगा।
  • दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, निवेश और रोजगार के मौके भी बढ़ सकते हैं।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अगले एक महीने में लागू हो सकता है। न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा है कि दोनों देश समझौते को लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में बिना टैरिफ के सामान बेचने का मौका मिलेगा। मैक्ले ने इस समझौते को दुनिया के दूसरे देशों के लिए भी एक उदाहरण बताया है।

advertisement

अगले महीने लागू हो सकता है समझौता

न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में टॉड मैक्ले ने बताया कि दोनों देश समझौते को लागू करने के लिए आधिकारिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान करने की तैयारी में हैं।

उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की संसद में इस समझौते को मजबूत समर्थन मिला है। इसे लागू करने वाले कानून को शाही मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके साथ ही न्यूजीलैंड में जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है।

भारतीय सामान पर नहीं लगेगा टैरिफ

मैक्ले के मुताबिक, समझौता लागू होने के पहले दिन से ही भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले सभी सामान पर जीरो टैरिफ लगेगा।

इससे खासतौर पर दवाओं, केमिकल, मशीनरी और सर्विस सेक्टर में भारतीय कंपनियों के लिए नए मौके खुलेंगे।

वहीं, न्यूजीलैंड को भी भारत के बड़े बाजार में फूड, सर्विस और निवेश जैसे क्षेत्रों में कारोबार बढ़ाने का मौका मिलेगा।

2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

मैक्ले के मुताबिक, फिलहाल दोनों देशों के बीच करीब 4 अरब न्यूजीलैंड डॉलर का व्यापार होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश तय लक्ष्य से भी आगे निकल सकते हैं।

न्यूजीलैंड के आधिकारिक द्विपक्षीय ढांचे में 2030 तक आपसी व्यापार 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय छात्रों और यात्रियों को भी फायदा

मैक्ले ने कहा कि न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों का स्वागत करता रहेगा। उन्होंने मास्टर्स और PhD करने वाले छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद ज्यादा समय तक काम करने की मौजूदा सुविधाओं का भी जिक्र किया।

उन्होंने उम्मीद जताई कि करीब एक साल में भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ानें शुरू हो सकती हैं। इससे पर्यटन, कारोबारी यात्राओं और परिवार के लोगों से मिलने आने-जाने में आसानी होगी।

दोनों देशों में बढ़ेंगे निवेश और रोजगार के मौके

मैक्ले ने कहा कि समझौते से इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, साइंस और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड की एक कंपनी भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना बना रही है।

advertisement

मैक्ले के मुताबिक, दोनों देशों ने आपसी भरोसे के कारण नौ महीने में बातचीत पूरी की। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के बीच यह समझौता दूसरे देशों के लिए उदाहरण बन सकता है और भारत व न्यूजीलैंड में रोजगार के नए मौके पैदा करेगा।