Travel Advisory क्या है? क्या चेतावनी जारी होने के बाद उस देश में नहीं जा सकते? जानिए नियम
विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे हैं और आपके गंतव्य देश के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी हो गई है? क्या अब आपको अपनी यात्रा रद्द करनी होगी या फ्लाइट और वीजा पर भी असर पड़ेगा? जानिए ट्रैवल एडवाइजरी का मतलब और विदेश जाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

In Short
- युद्ध, हिंसा या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में सरकार जारी कर सकती है ट्रैवल एडवाइजरी
- ट्रैवल एडवाइजरी का मतलब हर बार विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगना नहीं होता
- विदेश जाने से पहले वीजा, फ्लाइट और सरकार की ताजा एडवाइजरी जरूर चेक करें
जब किसी देश में युद्ध, हिंसा, विरोध प्रदर्शन या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति पैदा होती है, तो कई बार दूसरे देश अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी (Travel Advisory) जारी करते हैं। भारत सरकार भी समय-समय पर विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए ऐसी चेतावनी जारी करती है।
लेकिन क्या ट्रैवल एडवाइजरी जारी होने का मतलब है कि आप उस देश में नहीं जा सकते? क्या आपकी फ्लाइट या वीजा अपने आप रद्द हो जाएगा? आइए आसान भाषा में समझते हैं।
Travel Advisory क्या होती है?
ट्रैवल एडवाइजरी सरकार की ओर से जारी की जाने वाली ऐसी सूचना है, जिसमें नागरिकों को किसी दूसरे देश या इलाके की यात्रा से जुड़े संभावित खतरों के बारे में बताया जाता है।
इन खतरों में युद्ध, आतंकी हमले, अपराध, अपहरण, विरोध प्रदर्शन, बीमारी फैलने या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं।
भारत में विदेश मंत्रालय (MEA) भारतीय नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी करता है। इसके जरिए विदेश जाने की योजना बना रहे लोगों और पहले से वहां मौजूद भारतीयों को जरूरी जानकारी दी जाती है।
क्या एडवाइजरी जारी होने पर विदेश यात्रा नहीं कर सकते?
जरूरी नहीं है। ट्रैवल एडवाइजरी का मतलब हर बार यात्रा पर प्रतिबंध लगना नहीं होता।
कई बार सरकार केवल अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह देती है। वहीं, गंभीर स्थिति में यात्रा पर दोबारा विचार करने या उस देश की यात्रा पूरी तरह टालने के लिए कहा जा सकता है।
उदाहरण के लिए, अमेरिका में ट्रैवल एडवाइजरी के चार स्तर हैं।
- सामान्य सावधानी बरतें।
- अतिरिक्त सावधानी बरतें।
- यात्रा करने के फैसले पर दोबारा विचार करें।
- यात्रा न करें।
भारत के विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी में स्थिति और देश के हिसाब से अलग-अलग निर्देश हो सकते हैं। इसलिए केवल हेडलाइन पढ़ने के बजाय पूरी एडवाइजरी पढ़ना जरूरी है।
क्या पूरा देश असुरक्षित हो जाता है?
किसी देश के लिए एडवाइजरी जारी होने का मतलब यह नहीं है कि उसका हर इलाका असुरक्षित है।
कई बार खतरा केवल किसी खास शहर, सीमावर्ती इलाके या राज्य तक सीमित होता है।
ऐसे में यात्रियों को यह देखना चाहिए कि सरकार की चेतावनी उनके जाने वाले शहर और यात्रा के रास्ते पर लागू होती है या नहीं।
अगर आप पहले से उस देश में हैं तो क्या करें?
ट्रैवल एडवाइजरी केवल विदेश जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए नहीं होती। यह पहले से उस देश में रह रहे नागरिकों के लिए भी जारी की जा सकती है।
स्थिति के हिसाब से सरकार नागरिकों को कुछ इलाकों में जाने से बचने, सतर्क रहने, भारतीय दूतावास में रजिस्ट्रेशन कराने या देश छोड़ने की सलाह दे सकती है।
ऐसी स्थिति में विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी निर्देशों को पढ़ना चाहिए।
क्या वीजा और फ्लाइट पर भी असर पड़ता है?
ट्रैवल एडवाइजरी और वीजा या यात्रा पर प्रतिबंध अलग-अलग चीजें हैं।
किसी देश के लिए एडवाइजरी जारी होने का यह मतलब नहीं है कि वहां जाने के लिए वीजा मिलना बंद हो जाएगा या सभी फ्लाइट रद्द हो जाएंगी।
हालांकि, खराब सुरक्षा स्थिति या किसी आपदा के कारण एयरपोर्ट, सड़क और दूसरी परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
इसलिए यात्रा से पहले वीजा, फ्लाइट की स्थिति, एयरपोर्ट और बॉर्डर से जुड़े नियमों की अलग से जांच करनी चाहिए। ट्रैवल इंश्योरेंस की शर्तें भी देखनी चाहिए।
विदेश जाने से पहले क्या चेक करें?
विदेश यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने गंतव्य देश की ताजा ट्रैवल एडवाइजरी जरूर पढ़ें। यह भी देखें कि चेतावनी कब जारी हुई थी, अभी लागू है या वापस ले ली गई है और किन इलाकों के लिए जारी की गई है। साथ ही संबंधित देश में मौजूद भारतीय दूतावास के इमरजेंसी संपर्क नंबर अपने पास रखें। यात्रा से ठीक पहले एक बार फिर एडवाइजरी चेक करें, क्योंकि किसी देश के हालात और सरकारी निर्देश तेजी से बदल सकते हैं।

