
भारत में AC, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की बढ़ेगी मांग, 2030 तक तेजी से बढ़ सकता है बाजार
भारत में AC, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे सामानों की मांग आने वाले समय में बढ़ सकती है। BCG-CII की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी कई घरों में ये सुविधाएं नहीं हैं। लोगों की बढ़ती कमाई, आसान लोन और बदलती जरूरतों से इस बाजार में ग्रोथ की बड़ी संभावना है।

In Short
- BCG-CII रिपोर्ट के मुताबिक भारत का Consumer Durables Market 2030 तक 8-10% सालाना बढ़कर ₹300-325 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
- भारत में AC, Washing Machine और Refrigerator की पहुंच एशिया के कई देशों से कम है, जिससे बाजार में ग्रोथ की बड़ी संभावना बनी हुई है।
- बढ़ती आय, आसान फाइनेंस और न्यूक्लियर परिवारों की बढ़ती संख्या से घरेलू उपकरणों की मांग को मजबूती मिल सकती है।
भारत का Consumer Durables Market आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकता है। BCG-CII की रिपोर्ट “Home Grown, World Ready: The Next Chapter for India’s Consumer Durables Industry” के मुताबिक, भारत में अभी भी कई बड़े घरेलू उपकरणों की पहुंच एशिया के दूसरे देशों के मुकाबले काफी कम है। यही वजह है कि आने वाले समय में इस सेक्टर में ग्रोथ की बड़ी संभावना बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का Consumer Durables Market 2030 तक हर साल 8-10% की रफ्तार से बढ़ सकता है और इसका आकार ₹300-325 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। बढ़ती आय, आसान फाइनेंस की सुविधा, छोटे परिवारों की संख्या बढ़ना और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग इस ग्रोथ को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख कारण होंगे।
AC की पहुंच अभी भी काफी कम
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर कंडीशनर (AC) की पहुंच भारत में सबसे कम है। भारत में सिर्फ करीब 10-15% घरों में रूम AC मौजूद हैं।
वहीं, थाईलैंड में करीब 38%, मलेशिया में 80% और चीन में लगभग 100% घरों में AC की सुविधा है। यानी भारत और इन देशों के बीच 30-90 प्रतिशत अंकों का बड़ा अंतर है।
BCG-CII के अनुसार, जैसे-जैसे लोगों की आय बढ़ेगी, AC की मांग में तेजी आने की संभावना है।

Washing Machine में भी बड़ा अंतर
वॉशिंग मशीन के मामले में भी भारत अभी पीछे है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के करीब 20-22% घरों में ही वॉशिंग मशीन है।
इसके मुकाबले थाईलैंड में करीब 71%, मलेशिया में 98% और चीन में 99% घरों में वॉशिंग मशीन मौजूद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत और इन बाजारों के बीच करीब 50-80 प्रतिशत अंकों का अंतर है।
आय बढ़ने के साथ वॉशिंग मशीन की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि इसका सीधा संबंध घरेलू आय से जुड़ा हुआ है।
Refrigerator की पहुंच बेहतर, लेकिन अभी भी पीछे
रेफ्रिजरेटर की पहुंच भारत में बाकी उपकरणों के मुकाबले ज्यादा है, लेकिन फिर भी दूसरे एशियाई बाजारों से कम है।
भारत में करीब 45-50% घरों में फ्रिज मौजूद है। वहीं थाईलैंड और मलेशिया में यह आंकड़ा करीब 95% या उससे ज्यादा है, जबकि चीन में लगभग 100% घरों में फ्रिज है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में फ्रिज की पहुंच बढ़ाने के लिए अभी भी करीब 40-50 प्रतिशत अंकों की गुंजाइश है।
TV बाजार में भी ग्रोथ की संभावना
भारत में टीवी की पहुंच करीब 70-75% घरों तक है। हालांकि, यह चीन के 95% और थाईलैंड व मलेशिया के करीब 98% से कम है।
रिपोर्ट के अनुसार, टीवी बाजार में भारत और इन देशों के बीच करीब 20-30 प्रतिशत अंकों का अंतर है।
बढ़ती आय और छोटे परिवार बढ़ाएंगे मांग
BCG-CII की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू उपकरणों की खरीद आय बढ़ने के साथ S-shaped curve को फॉलो करती है। यानी जैसे-जैसे लोगों की कमाई बढ़ती है, उपकरणों की मांग भी तेजी से बढ़ती है।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2030 तक भारत के करीब 10 में से 7 परिवार न्यूक्लियर परिवार हो सकते हैं, जबकि 2023 में यह आंकड़ा करीब 10 में से 6 परिवार था।
छोटे परिवारों की बढ़ती संख्या और घरेलू आय में सुधार Consumer Durables Market की ग्रोथ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

