Independence Day 2026: Semiconductor Sector में भारत की बड़ी तैयारी, PM Modi ने बताया आगे का पूरा प्लान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पीएम मोदी ने तीन सेमीकंडक्टर प्लांट के शुरू होने और आने वाले वर्षों में नए प्लांट लगाने की योजना की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने Semicon 2.0 के जरिए चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और रिसर्च से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया।
In Short
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
- देश में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और आने वाले सात से आठ वर्षों में पांच से आठ नए प्लांट शुरू होने की संभावना है।
- Semicon 2.0 के तहत चिप डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस्ड पैकेजिंग तक पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
PM Modi Red Fort Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से दिए अपने लगातार 13वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल और तकनीक के दौर में चिप्स की अहमियत बहुत ज्यादा है। इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर मेडिकल उपकरण और परिवहन व्यवस्था तक, कई क्षेत्रों में चिप्स जरूरी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि चिप्स के बिना पूरी दुनिया की रफ्तार रुक सकती है।
सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता की ओर भारत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि देश में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट पहले ही स्थापित हो चुके हैं और इनसे उत्पादन शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इन प्लांट्स से बनने वाले चिप्स का निर्यात भी किया जाएगा।
अगले कुछ वर्षों में और प्लांट लगाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले सात से आठ वर्षों में भारत में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने की संभावना है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ता कदम बताया और कहा कि यह यात्रा देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाने का रास्ता तैयार कर रही है।
Semicon 2.0 को मिली मंजूरी
जुलाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1.27 लाख करोड़ के Semicon 2.0 कार्यक्रम को मंजूरी दी। यह पहल केवल सेमीकंडक्टर फैब लगाने तक सीमित नहीं है। इसके तहत चिप डिजाइन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, मैन्युफैक्चरिंग उपकरण और सामग्री, नए फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और विशेषज्ञ प्रतिभाओं से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर
कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की आयातित चिप्स और जरूरी मैन्युफैक्चरिंग इनपुट पर निर्भरता कम करना है। इसके साथ ही घरेलू कंपनियों को असेंबली से आगे बढ़ाकर चिप डिजाइन और हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
2028 में शुरू हो सकता है पहला सेमीकंडक्टर फैब
भारत का पहला सेमीकंडक्टर फैब 2028 में काम शुरू कर सकता है। इस कार्यक्रम से भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करने, वैश्विक निवेश आकर्षित करने और ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भारत की भूमिका बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

