BT Infra Summit 2026: बदलने वाली है भारत की लॉजिस्टिक्स तस्वीर! एक्सपर्ट्स ने बताया क्यों अहम है सागरमाला 2.0
अब लक्ष्य बिना रुकावट वाले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बदलना है, जिससे माल की आवाजाही तेज, सस्ती और अधिक कुशल हो। BT Infrastructure Summit – Infra India 2047 में एक्सपर्ट ने कहा कि पीएम गति शक्ति और सागरमाला जैसी पहलें इसी बदलाव की नींव रख रही हैं।

भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर कहानी अब सिर्फ नई सड़कें, रेल लाइनें या बंदरगाह बनाने तक सीमित नहीं रही। अब लक्ष्य बिना रुकावट वाले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बदलना है, जिससे माल की आवाजाही तेज, सस्ती और अधिक कुशल हो। BT Infrastructure Summit – Infra India 2047 में एक्सपर्ट ने कहा कि पीएम गति शक्ति और सागरमाला जैसी पहलें इसी बदलाव की नींव रख रही हैं।
सागरमाला 2.0 से बंदरगाह आधारित अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में लॉजिस्टिक्स निदेशक सागर कडू ने कहा कि सागरमाला और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान मिलकर अलग-अलग मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ा रहे हैं, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की योजना और एग्जीक्यूशन अधिक प्रभावी हो रहा है।
उनके मुताबिक सागरमाला सिर्फ बंदरगाहों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी सुधारने, तटीय समुदायों को सशक्त बनाने और निर्यात-आयात इकोसिस्टम को बेहतर बनाने की व्यापक रणनीति है। उन्होंने कहा, "सागरमाला का उद्देश्य पोर्ट-आधारित अर्थव्यवस्था को नई आजादी देना है।"
सरकार ने सागरमाला 2.0 के लिए 85,482 करोड़ रुपये के बजटीय समर्थन का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत बंदरगाह, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय बुनियादी ढांचे, समुद्री सेवाओं और संस्थागत क्षमता निर्माण समेत विभिन्न क्षेत्रों में कुल 3.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना की गई है।
लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और रोजगार बढ़ाने पर फोकस
डेलॉयट इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विशाल गुप्ता ने कहा कि सागरमाला 2.0 की सबसे बड़ी ताकत एंड-टू-एंड मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन है। उन्होंने बताया कि वधवन पोर्ट जैसे प्रोजेक्ट में डीप-वॉटर पोर्ट, डिजिटल कस्टम्स सिस्टम, MAITRI प्लेटफॉर्म, रेल कॉरिडोर, हाईवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क एक साथ जुड़ेंगे, जिससे माल की ढुलाई अधिक तेज और आसान होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ वैभव डांगे ने कहा कि भारतमाला, सागरमाला और PM गति शक्ति जैसी सभी योजनाओं का साझा उद्देश्य लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाना है। उनके मुताबिक सरकार ने सड़क, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डों का मजबूत आधार तैयार कर दिया है। अब निजी क्षेत्र को लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, टर्मिनल और अन्य परिचालन सुविधाओं में निवेश कर इन परियोजनाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
कंटेनर शिपिंग लाइंस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुनील वासवानी ने कहा कि कोविड-19 महामारी और रेड सी संकट जैसे वैश्विक झटकों ने भारतीय शिपिंग उद्योग को अधिक सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद उद्योग के पास वैकल्पिक मार्ग और पर्याप्त क्षमता मौजूद है, इसलिए फिलहाल किसी बड़े संकट की आशंका नहीं है।

