Grasim का बड़ा प्लान: नए बिजनेस से मिलेगी रफ्तार; दो लाख करोड़ रुपये रेवेन्यू लक्ष्य पर कंपनी की नजर
ग्रासिम इंडस्ट्रीज अपने पारंपरिक बिजनेस के साथ नए सेक्टर में तेजी से विस्तार कर रही है। बिड़ला ओपस पेंट्स से लेकर बिड़ला पिवट और रिन्यूएबल एनर्जी तक कंपनी कई नए ग्रोथ इंजन तैयार कर रही है। चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने दो लाख करोड़ रुपये रेवेन्यू लक्ष्य पर भरोसा जताया है।

In Short
- ग्रासिम का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 में दो लाख करोड़ रुपये कंसोलिडेटेड रेवेन्यू तक पहुंचना है।
- बिड़ला ओपस ने वित्त वर्ष 2026 में रेवेन्यू दोगुना किया और 10 फीसदी मार्केट शेयर हासिल की।
- आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स 10 गीगावॉट से बढ़कर 20 गीगावॉट क्षमता तक पहुंचने की योजना पर काम कर रहा है।
ग्रासिम इंडस्ट्रीज अपने पुराने मजबूत बिजनेस के साथ अब नए सेक्टर में भी तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा है कि अलग-अलग बिजनेस को मिलाकर ग्रासिम वित्त वर्ष 2027 में दो लाख करोड़ रुपये के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। कंपनी का फोकस अब नए ग्रोथ इंजन तैयार करने पर है, जिनमें बिड़ला ओपस, बिड़ला पिवट, आदित्य बिड़ला कैपिटल और आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स शामिल हैं।
इन्हीं नए बिजनेस की तेज ग्रोथ को देखते हुए ग्रासिम अपने पोर्टफोलियो को लगातार मजबूत कर रही है।
बिड़ला ओपस बना तेजी से बढ़ता बिजनेस
ग्रासिम के नए बिजनेस में बिड़ला ओपस ने सबसे तेज रफ्तार दिखाई है। डेकोरेटिव पेंट्स मार्केट में उतरने के बाद इस बिजनेस ने काफी तेजी से अपनी जगह बनाई है। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में बिड़ला ओपस का रेवेन्यू सालाना आधार पर दोगुना हो गया और स्टैंडअलोन आधार पर इसकी मार्केट शेयर 10 फीसदी तक पहुंच गई।
कंपनी के मुताबिक पेंट्स बिजनेस में बिड़ला ओपस अब कैपेसिटी मार्केट शेयर के हिसाब से नंबर दो खिलाड़ी बन चुका है। वहीं बिड़ला व्हाइट पुट्टी को मिलाकर ग्रासिम की रेवेन्यू मार्केट शेयर शुरुआती टीन्स में पहुंच गई है।
बिड़ला पिवट ने समय से पहले हासिल किया लक्ष्य
ग्रासिम का बी टू बी बिल्डिंग मटेरियल प्लेटफॉर्म बिड़ला पिवट भी कंपनी के लिए बड़ा ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है। कंपनी ने बताया कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने 8500 करोड़ रुपये के सालाना रेवेन्यू गाइडेंस का लक्ष्य एक साल पहले ही हासिल कर लिया है।
बिड़ला पिवट टेक्नोलॉजी की मदद से मैन्युफैक्चरर्स डीलर्स कॉन्ट्रैक्टर्स और इंस्टीट्यूशनल बायर्स को जोड़ने का काम कर रहा है। इससे बिल्डिंग मटेरियल सेक्टर की सप्लाई चेन में ज्यादा एफिशिएंसी और ट्रांसपेरेंसी लाने की कोशिश की जा रही है।
फाइनेंशियल सर्विस और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस
ग्रासिम की ग्रोथ स्ट्रेटेजी में आदित्य बिड़ला कैपिटल भी अहम भूमिका निभा रहा है। भारत में फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए कंपनी इस बिजनेस को आगे बढ़ा रही है। वित्त वर्ष 2026 में आदित्य बिड़ला कैपिटल ने 4000 करोड़ रुपये का प्रेफरेंशियल इश्यू पूरा किया, जबकि आदित्य बिड़ला हाउसिंग फाइनेंस में एडवेंट इंटरनेशनल ने 2750 करोड़ रुपये का निवेश किया।
इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी भी कंपनी के लिए बड़ा अवसर बन रहा है। आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स 2 गीगावॉट प्लेटफॉर्म से बढ़कर करीब 10 गीगावॉट तक पहुंचने की स्थिति में है और कंपनी का लक्ष्य इसे 20 गीगावॉट और उससे आगे ले जाने का है। स्प्रंग एनर्जी के अधिग्रहण से कंपनी को करीब 5 गीगावॉट की पीक कॉन्ट्रैक्टेड रिन्यूएबल कैपेसिटी भी मिली है।
पुराने बिजनेस बने रहेंगे ग्रासिम की ताकत
जहां कंपनी नए बिजनेस को तेजी से बढ़ा रही है, वहीं पुराने बिजनेस भी ग्रासिम को मजबूत आधार दे रहे हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट ने अप्रैल में ग्रे सीमेंट कैपेसिटी को 200 मिलियन टन प्रति वर्ष के पार पहुंचा दिया है।
वहीं सेलुलोसिक फाइबर्स बिजनेस में कंपनी करीब 4000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इसके जरिए लाइओसेल कैपेसिटी को करीब पांच गुना बढ़ाने की योजना है।
कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि कंपनी का मॉडल पुराने मजबूत बिजनेस से मिलने वाले कैश फ्लो और नए ग्रोथ इंजन की तेज रफ्तार को साथ लेकर चलने का है। आने वाले समय में ग्रासिम अपने मुख्य बिजनेस को मजबूत करने के साथ नए सेक्टर में विस्तार जारी रखेगी और कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता एक्जीक्यूशन यानी योजनाओं को सही तरीके से लागू करना होगी।

