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BT India@100 2026: 30 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए भारत को 8 से 10% ग्रोथ और ज्यादा निवेश की जरूरत

जयंत सिन्हा बोले तेज विकास के लिए निवेश बढ़ाना और नए आर्थिक केंद्र बनाना जरूरी इसके लिए देश को हर साल करीब 400 अरब डॉलर अतिरिक्त निवेश की जरूरत होगी।

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उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसी मजबूत इकोनॉमी तैयार की है जो वैश्विक झटकों का सामना करने में सक्षम है और देश की अर्थव्यवस्था अभी भी 6 से 7% की रफ्तार से बढ़ रही है, लेकिन लंबे समय के बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए यह ग्रोथ पर्याप्त नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसी मजबूत इकोनॉमी तैयार की है जो वैश्विक झटकों का सामना करने में सक्षम है और देश की अर्थव्यवस्था अभी भी 6 से 7% की रफ्तार से बढ़ रही है, लेकिन लंबे समय के बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए यह ग्रोथ पर्याप्त नहीं होगी।

भारत को 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लिए लगातार 8 से 10% की आर्थिक ग्रोथ हासिल करनी होगी। इसके लिए देश को हर साल करीब 400 अरब डॉलर अतिरिक्त निवेश की जरूरत होगी। पूर्व वित्त राज्य मंत्री और एवर्स्टोन ग्रुप के प्रेसिडेंट जयंत सिन्हा ने कहा कि भारत के विकास का अगला दौर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि पूर्वी भारत को भी इसमें बड़ी भूमिका निभानी होगी।

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BT India@100 2026 में जयंत सिन्हा ने कहा कि भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी युवा आबादी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन टेक्नोलॉजी और चाइना प्लस वन मैन्युफैक्चरिंग जैसे मौकों का फायदा उठाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की इकोनॉमी अभी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है और 6 से 7% की ग्रोथ कर रही है, लेकिन बड़े लक्ष्य के लिए यह रफ्तार पर्याप्त नहीं होगी।

भारत को निवेश दर बढ़ाने की बड़ी चुनौती

जयंत सिन्हा ने कहा कि भारत को तेज विकास के लिए निवेश दर बढ़ानी होगी। उन्होंने बताया कि जब चीन की इकोनॉमी करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की थी, तब वह अपनी जीडीपी का 40 से 42% निवेश कर रहा था। वहीं भारत अभी करीब 30 से 31% निवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत को चीन जैसी तेज ग्रोथ हासिल करने के लिए निवेश को करीब 10 प्रतिशत अंक बढ़ाना होगा। यह करीब 400 अरब डॉलर यानी लगभग 40 से 45 लाख करोड़ रुपये के बराबर है।

निवेश के लिए बेहतर रिटर्न और तेज फैसले जरूरी

सिन्हा ने कहा कि भारत के सामने पूंजी की कमी सबसे बड़ी समस्या नहीं है। दुनिया में पर्याप्त पूंजी मौजूद है, लेकिन निवेशकों को बेहतर और लगातार रिटर्न देने वाला माहौल बनाना होगा।

उन्होंने कहा कि अगर भारत निवेशकों को 10 से 15% नेट डॉलर रिटर्न लगातार दे सकता है तो बड़ी मात्रा में निवेश आकर्षित किया जा सकता है। इसके लिए तेज फैसले और बेहतर तरीके से काम पूरा करना जरूरी है।

विकास को बड़े शहरों से बाहर ले जाना होगा

जयंत सिन्हा ने कहा कि भारत का विकास सिर्फ दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बिहार और झारखंड जैसे राज्यों की कम प्रति व्यक्ति आय का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्वी भारत को विकास की मुख्यधारा में लाना जरूरी है।

उन्होंने कोलकाता को पूर्वी भारत के लिए एक बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में बताया। उनके मुताबिक अगर कोलकाता मजबूत होता है तो बिहार, झारखंड, ओडिशा और असम जैसे राज्यों को भी फायदा मिलेगा।

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युवा आबादी को स्किल देकर बनाना होगा ताकत

सिन्हा ने कहा कि भारत के पास युवा आबादी का बड़ा फायदा है, लेकिन यह अवसर हमेशा नहीं रहेगा। अगले 20 से 25 वर्षों में यही युवा आबादी उम्रदराज होगी।

इसलिए भारत को युवाओं को बेहतर स्किल, प्रोडक्टिविटी और 21वीं सदी की इकोनॉमी के लिए तैयार करना होगा। उन्होंने भारत के विकास मॉडल को पीपल, टेक्नोलॉजी और एनर्जी में बदलाव पर आधारित बताया और कहा कि 30 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत को लगातार खुद को बेहतर बनाना होगा।