
Gold Price: बड़ी गिरावट के बाद सोने में खरीदारी का मौका? अजय केडिया ने दिया ₹1.80 लाख का टारगेट
सोने में तेज गिरावट के बाद निवेशकों के मन में सवाल है कि अभी खरीदारी करें या और गिरावट का इंतजार? बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा से बातचीत में Kedia Advisory के अजय केडिया ने बताया कि किस लेवल पर सोना खरीदारी का मौका दे सकता है और साल के आखिर तक भाव कहां पहुंच सकता है।

In Short
- सोने में बड़ी गिरावट के बाद अजय केडिया ने इसे लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए अच्छा मौका बताया।
- MCX गोल्ड में 1.44 लाख रुपये के आसपास अहम सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
- साल के आखिर तक सोने का भाव 1.75 लाख से 1.80 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
सोने की कीमत सात हफ्ते के निचले स्तर तक गिरने के बाद निवेशकों के बीच आगे की चाल को लेकर सवाल बढ़ गए हैं। घरेलू बाजार में सोना करीब 1.47 लाख रुपये के आसपास है। कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट अजय केडिया का मानना है कि यह गिरावट लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सोने में एंट्री का नया मौका बन सकती है।
बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Kedia Advisory के अजय केडिया ने कहा कि सोने में आई हाल की कमजोरी की बड़ी वजह मैक्रो दबाव है। उनके मुताबिक, सोने की डिमांड से जुड़े फंडामेंटल में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
क्यों गिर रहा है सोने का भाव?
केडिया के मुताबिक, डॉलर इंडेक्स में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बाद महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता सोने पर दबाव बना रही है।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से यह चिंता फिर बढ़ी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व लंबे समय तक सख्त रुख अपना सकता है। इसका असर सोने जैसे एसेट पर देखने को मिल रहा है।
अजय केडिया ने मौजूदा गिरावट को निवेश का अच्छा मौका बताया है। हालांकि, उनका कहना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अक्टूबर में अमेरिकी फेड की तरफ से एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका और अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर अनिश्चितता के कारण ट्रेडर्स सावधानी बरत रहे हैं।
किस लेवल पर मिल सकता है सोने को सपोर्ट?
अजय केडिया के मुताबिक, MCX पर सोने को करीब 1.44 लाख रुपये के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है। उन्होंने इस स्तर को नई लॉन्ग पोजीशन बनाने के लिए आकर्षक बताया है।
हालांकि, जब तक सोना 1.53 लाख रुपये के स्तर को मजबूती से पार नहीं करता, तब तक इसकी कीमत निकट अवधि में एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे हो सकती है।

क्या सोने के फंडामेंटल बदले हैं?
अजय केडिया का कहना है कि सोने की लंबी अवधि की कहानी अभी भी बरकरार है। डी-डॉलराइजेशन जारी है, सेंट्रल बैंक सोने की खरीदारी कर रहे हैं और ETF में भी खरीदारी बनी हुई है।
उनके मुताबिक, हाल की बिकवाली से सोने की मांग को सपोर्ट करने वाले इन कारणों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
साल के आखिर तक कहां पहुंच सकता है सोना?
अजय केडिया के मुताबिक, सेंट्रल बैंकों की खरीदारी, ETF में निवेश और फिजिकल डिमांड सोने को आगे सपोर्ट दे सकती है। मौजूदा मैक्रो दबाव कम होने पर सोने में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।
उनका अनुमान है कि अगर सपोर्ट लेवल बना रहता है और मैक्रो उतार-चढ़ाव कम होता है तो साल के आखिर तक सोना 1.75 लाख से 1.80 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। फिलहाल उन्होंने गिरावट के दौरान धीरे-धीरे निवेश करने की बात कही है।

