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ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में तेज बिकवाली, US 10-Year Yield 5.11% पर; फेड की और रेट हाइक का बढ़ा डर

ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में बिकवाली तेज होने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में जोरदार उछाल और कमजोर बॉन्ड नीलामी ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है। 10 साल की US यील्ड 5.11% पर पहुंच गई है। अब फेड की अगली चाल पर नजर है।

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ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में बिकवाली तेज हो गई है। ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और पांच साल के अमेरिकी ट्रेजरी नोट्स की कमजोर मांग ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कर्व के कई हिस्सों में करीब दो दशक के ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं।

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10 साल की US यील्ड 5.11% पर

 ब्लूमबर्ग के रिपोर्ट के मुताबिक जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ उभरते बाजारों में बॉन्ड कीमतों पर दबाव आया। अमेरिकी 10 साल की यील्ड एशियाई कारोबार में 5.11% पर स्थिर रही। बुधवार को इसमें 15 बेसिस पॉइंट की तेजी आई थी, जो अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद बाजार में आई उथल-पुथल के बाद सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त थी।

पांच साल के नोट्स की नीलामी में कमजोर मांग ने यील्ड को पहली बार 2007 के बाद 5% के पार पहुंचा दिया। इसी बीच डॉलर का ब्लूमबर्ग गेज जुलाई के बाद के ऊंचे स्तरों के आसपास रहा। बाजार अब फेडरल रिजर्व से आगे और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना पर दांव लगा रहा है।

एशियाई शेयरों पर भी दबाव

बुधवार की तेजी के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 1% गिरकर लगभग 102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, लेकिन इससे शेयर बाजार को खास राहत नहीं मिली। एशियाई शेयर 0.6% नीचे रहे और यूरोपीय बाजारों के वायदा भी गिरावट की ओर इशारा कर रहे थे।

ऊंची ऊर्जा कीमतों और मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मेल से बॉन्ड बाजार पर दबाव बढ़ा है। वैश्विक सरकारी बॉन्ड की औसत यील्ड भी 4% के बेहद करीब पहुंच गई।

फेड की अगली चाल पर नजर

Wells Fargo Investment Institute के टोनी मियानो ने कहा कि बाजार एक वास्तविक दोबारा सख्ती के दौर में प्रवेश करने का संकेत दे रहा है। उनके मुताबिक पूरी यील्ड कर्व एक साथ नए स्तरों पर पहुंच रही है, जिससे शेयरों, मॉर्गेज और कॉरपोरेट कर्ज की लागत पर दबाव बढ़ रहा है।

स्वैप बाजार अगले एक साल में 25-25 बेसिस पॉइंट की तीन दर बढ़ोतरी को पूरी तरह कीमतों में शामिल कर चुका है, जबकि चौथी बढ़ोतरी के लिए भी हेजिंग बढ़ी है। ऐसा होने पर फेड की लक्ष्य दर 4.75% से 5% के बीच पहुंच सकती है।