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दिवाली से पहले महंगाई का झटका! रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए खर्च करने होंगे ज्यादा पैसे

दिवाली से पहले महाराष्ट्र में बाहर खाना खाने वालों को महंगाई का झटका लग सकता है। रेस्टोरेंट अपने मेन्यू की कीमतों में बदलाव करने की तैयारी कर रहे हैं। इसका असर नाश्ते से लेकर डिनर और ऑनलाइन फूड ऑर्डर तक पड़ सकता है। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम और कब से होगा असर?

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In Short

  • दिवाली से पहले महाराष्ट्र के रेस्टोरेंट में खाने की कीमतें 10 से 15 फीसदी तक बढ़ सकती हैं।
  • कच्चे माल, कमर्शियल LPG, किराए और डेयरी उत्पादों की बढ़ती कीमतों के कारण महंगा होगा खाना।
  • अगले 8 से 10 दिनों में मेन्यू की कीमतें बदल सकती हैं, इडली-डोसा से लेकर ऑनलाइन फूड ऑर्डर तक असर।

दिवाली के मौके पर अगर आप परिवार या दोस्तों के साथ बाहर खाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ सकता है। महाराष्ट्र के रेस्टोरेंट जल्द ही अपने खाने के दाम 10 से 15 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं। इसका असर नाश्ते से लेकर थाली, लंच, डिनर और ऑनलाइन फूड ऑर्डर तक पर पड़ सकता है। बढ़ती महंगाई और रेस्टोरेंट चलाने के खर्च में इजाफे को इसकी बड़ी वजह बताया जा रहा है।

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अगले 8-10 दिनों में बढ़ सकते हैं दाम

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बताया है कि महाराष्ट्र के रेस्टोरेंट अगले 8 से 10 दिनों में अपने मेन्यू की कीमतें 10 से 15 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। दिवाली से पहले नई कीमतें लागू होने की उम्मीद है।

हालांकि, सभी रेस्टोरेंट में एक जैसी बढ़ोतरी नहीं होगी। हर रेस्टोरेंट अपनी लागत, लोकेशन और कारोबार के हिसाब से तय करेगा कि खाने के दाम कितने बढ़ाने हैं।

इडली-डोसा से लेकर थाली तक होगी महंगी

अगर रेस्टोरेंट खाने की कीमतों में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी करते हैं, तो इसका असर रोजमर्रा के खाने पर भी दिखाई देगा। उदाहरण के लिए, अभी 80 रुपये में मिलने वाली इडली की कीमत बढ़कर 88 से 92 रुपये हो सकती है। वहीं, 90 रुपये का सादा डोसा करीब 99 से 104 रुपये तक पहुंच सकता है।

इसके अलावा रेस्टोरेंट में बैठकर खाना खाने और ऑनलाइन खाना मंगाने का खर्च भी बढ़ सकता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

क्यों बढ़ रहे हैं खाने के दाम?

रेस्टोरेंट संचालकों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में कच्चे माल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। सब्जियां, अनाज, दालें, खाने का तेल, मसाले और कमर्शियल LPG महंगी होने से खाना तैयार करने की लागत बढ़ गई है।

इसके अलावा दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतें, दुकान का किराया, कर्मचारियों का खर्च, सफाई के उपकरण और कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर भी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई के मानकों को बनाए रखने का खर्च भी बढ़ा है।

रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने क्या कहा?

AHAR के अध्यक्ष विजय के शेट्टी के मुताबिक, मेन्यू की कीमतों में बढ़ोतरी का मकसद अतिरिक्त खर्च के एक हिस्से की भरपाई करना है, ताकि खाने की गुणवत्ता और सर्विस को बनाए रखा जा सके।

वहीं, नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया की पुणे चैप्टर प्रमुख सैली जहागीरदार ने कहा कि कच्चे माल की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में अगले 8 से 10 दिनों में मेन्यू की कीमतों में 10 से 15 फीसदी तक बदलाव देखने को मिल सकता है।

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आगे भी बढ़ सकती हैं कीमतें

रिपोर्ट के मुताबिक, एक्साइज फीस में बदलाव के बाद रेस्टोरेंट शराब की कीमतें बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर लागत बढ़ती रही, तो आगे भी खाने के दाम बढ़ सकते हैं। हालांकि, फिलहाल सभी रेस्टोरेंट ने नई कीमतें लागू नहीं की हैं। ऐसे में बाहर खाने जाने से पहले मेन्यू के ताजा दाम चेक करना बेहतर होगा।