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Delhi-NCR में नमो भारत ट्रेन के 4 नए रूट प्रस्तावित! करनाल और नोएडा एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी की तैयारी

दिल्ली-NCR में नमो भारत का नेटवर्क और बड़ा हो सकता है। नए कॉरिडोर के जरिए हरियाणा के कई शहरों और जेवर एयरपोर्ट तक तेज कनेक्टिविटी देने की तैयारी है। ये रूट मंजूर हुए तो रोज सफर करने वाले लाखों लोगों की दूरी और समय दोनों कम हो सकते हैं।

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In Short

  • दिल्ली-करनाल, दिल्ली-बावल, बावल-बहरोड़ और गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट के लिए 4 नए नमो भारत कॉरिडोर प्रस्तावित हैं।
  • NCRTC ने सभी रूट्स की DPR केंद्र सरकार को सौंप दी है, जिनका टेक्निकल और फाइनेंशियल रिव्यू चल रहा है।
  • इन कॉरिडोर को अभी मंजूरी और फंडिंग नहीं मिली है, इसलिए फिलहाल सभी प्रोजेक्ट प्लानिंग स्टेज में हैं।

Namo Bharat: दिल्ली-एनसीआर में रोज सफर करने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में ट्रैवल का पूरा नक्शा बदल सकता है। नमो भारत ट्रेन को हरियाणा, राजस्थान बॉर्डर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे अहम इलाकों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

हालांकि ये प्रोजेक्ट अभी शुरुआती स्टेज में हैं और इन पर अंतिम फैसला होना बाकी है। आइए जानते हैं कि कौन से रूट प्रस्तावित हैं, सरकार क्या जांच कर रही है और आगे क्या होगा।

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चार नए कॉरिडोर की DPR जमा

दिल्ली-एनसीआर में नमो भारत ट्रेन के चार नए रूट बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें दिल्ली-करनाल, दिल्ली-बावल, बावल-बहरोड़ और गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक का रूट शामिल है। NCRTC ने इन चारों रूट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दी है।

राज्यसभा में सोमवार को हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स राज्य मंत्री तोखन साहू ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार अभी इन रिपोर्ट्स की जांच कर रही है। किसी भी रूट को पैसा देने से पहले यह देखा जाएगा कि प्रोजेक्ट टेक्निकल और फाइनेंशियल तौर पर कितना सही और फायदेमंद है।

करनाल और जेवर एयरपोर्ट को फायदा

दिल्ली-करनाल कॉरिडोर बनने से हरियाणा के उत्तरी इलाकों तक नमो भारत ट्रेन पहुंच सकती है। इससे दिल्ली और करनाल के बीच रोज आने-जाने वाले लोगों का सफर तेज और आसान हो सकता है।

वहीं, गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक प्रस्तावित रूट से जेवर एयरपोर्ट पहुंचने में भी आसानी होगी। इस एयरपोर्ट को उत्तर भारत के बड़े एविएशन हब के रूप में तैयार किया जा रहा है।

दिल्ली-बावल और बावल-बहरोड़ कॉरिडोर से दक्षिण हरियाणा और राजस्थान बॉर्डर के पास बसे शहरों को फायदा मिल सकता है। इन इलाकों में आबादी और कामकाज तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन तेज रेल कनेक्टिविटी की कमी है। नए रूट बनने से लोगों को दिल्ली-एनसीआर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने का बेहतर ऑप्शन मिल सकता है।

NCR के बड़े ट्रांसपोर्ट प्लान का हिस्सा

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने 2032 तक के ट्रांसपोर्ट प्लान में आठ RRTS रूट चुने थे। इनमें दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-सोनीपत-पानीपत, दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल, दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक, दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत, गाजियाबाद-खुर्जा और गाजियाबाद-हापुड़ रूट शामिल हैं।

इनमें से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर को पहले तैयार करने के लिए चुना गया था। इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर के बड़े शहरों के बीच सफर को तेज और आसान बनाना था।

मेरठ कॉरिडोर पूरी तरह ऑपरेशनल

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर देश का पहला नमो भारत रूट है और अब पूरी तरह शुरू हो चुका है। यह कॉरिडोर 82.15 किलोमीटर लंबा है। केंद्र सरकार ने मार्च 2019 में इसे मंजूरी दी थी। इस रूट पर रोज हजारों लोग सफर कर रहे हैं।

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अभी अप्रूवल और फंडिंग बाकी

चारों नए कॉरिडोर को अभी केंद्र सरकार की मंजूरी और फंडिंग नहीं मिली है। मंत्री के मुताबिक, नमो भारत प्रोजेक्ट को बनाने में बड़ी रकम खर्च होती है। इसलिए सरकार पहले यह जांच करेगी कि रूट की कितनी जरूरत है, लागत कितनी आएगी और इससे लोगों को कितना फायदा होगा।

इसके बाद ही इन प्रोजेक्ट्स को पैसा देने पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल चारों रूट की DPR जमा होना इन्हें शुरू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।