सिर्फ 46 पैसे कम थे, नहीं भर पाया क्रेडिट कार्ड बिल; लगा 1200 रुपये का चार्ज, RBI के नियम क्या कहते हैं?
क्रेडिट कार्ड बिल में सिर्फ 46 पैसे की कमी एक यूजर के लिए भारी पड़ गई। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, इतनी छोटी रकम की वजह से 1200 रुपये का लेट चार्ज लगाया गया। जानिए आरबीआई के नियम क्या कहते हैं और क्रेडिट कार्ड पेमेंट में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

In Short
- सिर्फ 46 पैसे की कमी पर क्रेडिट कार्ड यूजर से वसूला गया 1200 रुपये का लेट चार्ज
- आजतक की रिपोर्ट में सामने आया मामला सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
- RBI के नियमों के अनुसार लेट फीस बकाया राशि पर ही लगाई जा सकती है
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आसान भुगतान के लिए किया जाता है, लेकिन बिल पेमेंट में छोटी सी गलती भी ग्राहक की जेब पर भारी पड़ सकती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां सिर्फ 46 पैसे कम होने की वजह से एक क्रेडिट कार्ड यूजर को 1200 रुपये का लेट चार्ज देना पड़ा। इस मामले ने एक बार फिर क्रेडिट कार्ड पेमेंट और लेट फीस के नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
46 पैसे की कमी पर लगा 1200 रुपये का लेट चार्ज
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, एक क्रेडिट कार्ड यूजर का बिल 10,649.46 रुपये था। बिल भरने की आखिरी तारीख पर उसके खाते में सिर्फ 46 पैसे की कमी रह गई। इस छोटी सी रकम की वजह से बिल पूरा भुगतान नहीं हो पाया और क्रेडिट कार्ड कंपनी ने 1200 रुपये का लेट चार्ज लगा दिया।
यूजर के मुताबिक, 46 पैसे की वजह से उसे करीब 2600 प्रतिशत ज्यादा रकम बतौर पेनल्टी देनी पड़ी। इस मामले के सामने आने के बाद क्रेडिट कार्ड कंपनियों की लेट फीस व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. समीर कागलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले को शेयर किया। उन्होंने एचडीएफसी बैंक को टैग करते हुए 46 पैसे की कमी पर लगाए गए 1200 रुपये के चार्ज को वापस करने की मांग की।
इसके बाद कई यूजर्स ने भी क्रेडिट कार्ड से जुड़ी अपनी परेशानियां शेयर कीं। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें भी लेट फीस और चार्ज से जुड़ी ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
50 पैसे से कम रकम को लेकर क्या है नियम?
भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के नियमों के मुताबिक, 50 पैसे से कम की राशि को नजरअंदाज कर रकम को नजदीकी रुपये में राउंड ऑफ किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर 10,649.46 रुपये को 10,649 रुपये माना जा सकता है, जबकि 10,649.50 रुपये को 10,650 रुपये किया जा सकता है।
हालांकि, यह राउंड ऑफ नियम सीधे तौर पर हर क्रेडिट कार्ड भुगतान मामले में लागू नहीं होता। किसी ग्राहक के खाते में दर्ज बकाया राशि और भुगतान प्रक्रिया बैंक के नियमों के अनुसार तय होती है।
क्रेडिट कार्ड लेट फीस पर RBI का क्या नियम है?
आरबीआई के नियमों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी तभी लेट फीस लगा सकती है जब खाता तय तारीख के बाद 3 दिनों से ज्यादा समय तक बकाया रहे।
इसके अलावा लेट पेमेंट चार्ज और इससे जुड़े अन्य शुल्क सिर्फ ड्यू डेट के बाद बची हुई बकाया राशि पर लगाए जाने चाहिए। बैंक कुल बिल राशि पर लेट फीस नहीं लगा सकते।
छोटी गलती से बचने के लिए क्या करें?
क्रेडिट कार्ड यूजर्स को हमेशा बिल की आखिरी तारीख से पहले भुगतान कर देना चाहिए। ऑटो पेमेंट की सुविधा भी इस्तेमाल की जा सकती है ताकि छोटी रकम की कमी की वजह से बिल मिस न हो।
इस मामले ने दिखाया है कि क्रेडिट कार्ड में छोटी सी लापरवाही भी बड़ा चार्ज बन सकती है, इसलिए भुगतान करते समय पूरी राशि और तारीख दोनों का ध्यान रखना जरूरी है।

