
अरबों की मदद के बावजूद Air India मुश्किल में? नए निवेश प्लान पर मचा विवाद
Air India की 1.5 अरब डॉलर की नई फंडिंग मांग ने सिंगापुर में चर्चा तेज कर दी है। रिकॉर्ड घाटे के बाद एयरलाइन के निवेश प्लान पर सवाल उठ रहे हैं। Tata Sons और Singapore Airlines के सामने अब फंडिंग को लेकर बड़ी चुनौती है, जिसकी वजह जानना जरूरी है।

In Short
- Air India ने अपने मालिकों Tata Sons और Singapore Airlines से 1.5 अरब डॉलर की नई इक्विटी फंडिंग मांगी है, जिस पर सवाल उठने लगे हैं।
- सिंगापुर के सांसद केनेथ टियोंग ने Temasek के जरिए Air India को समर्थन देने पर आपत्ति जताई और जवाबदेही की मांग की
- घाटे और कई चुनौतियों के बीच Air India अपने बड़े बदलाव अभियान पर काम कर रही है, लेकिन फंडिंग पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
Air India की ओर से मालिक कंपनियों Tata Sons और Singapore Airlines से 1.5 अरब डॉलर की नई इक्विटी मांग ने सिंगापुर में राजनीतिक बहस शुरू कर दी है। विपक्षी सांसद ने सवाल उठाया है कि रिकॉर्ड घाटे के बाद भी एयरलाइन में लगातार निवेश क्यों किया जा रहा है।
Temasek की भूमिका पर उठे सवाल
वर्कर्स पार्टी के सांसद केनेथ टियोंग बून कियाट ने कहा कि अगर Singapore Airlines को Air India पर भरोसा है तो उसे यह निवेश अपने दम पर करना चाहिए, न कि Temasek के जरिए। Singapore Airlines की Air India में करीब 25% हिस्सेदारी है, जबकि Tata Sons के पास 75% हिस्सेदारी है।

Temasek Holdings सिंगापुर सरकार के स्वामित्व वाली निवेश कंपनी है और Singapore Airlines की सबसे बड़ी शेयरधारक है। सांसद ने कहा कि Air India में नया निवेश केवल निजी शेयरधारकों का मामला नहीं है, क्योंकि इसका असर Temasek पर भी पड़ेगा।
सांसद ने उठाई जवाबदेही की मांग
केनेथ टियोंग ने कहा कि Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एयरलाइन के बदलाव की प्रक्रिया में एक दशक तक लगने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा कि Singapore Airlines को भी पिछली तिमाही में नुकसान हुआ है।सांसद ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सिंगापुर के लोगों पर Air India को चलाने की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने Temasek के फंड के इस्तेमाल से Air India को सहारा देने का विरोध किया।उन्होंने 8 सितंबर को होने वाली संसद बैठक में इस मुद्दे पर मौखिक जवाब के लिए सवाल दाखिल किया है।
घाटे और चुनौतियों से जूझ रही है Air India
Air India का यह फंड जुटाने का अनुरोध अब तक के सबसे बड़े सार्वजनिक शेयरधारक फंडिंग अनुरोधों में से एक माना जा रहा है। एयरलाइन अपने कई अरब डॉलर के बदलाव अभियान पर काम कर रही है, जिसमें पुराने बेड़े का नवीनीकरण भी शामिल है।Air India और उसकी बजट एयरलाइन Air India Express ने मार्च में समाप्त वित्त वर्ष में कुल 2.33 अरब डॉलर का घाटा दर्ज किया, जो पिछले साल के घाटे से दोगुने से ज्यादा है।रिपोर्ट के अनुसार, फंडिंग अनुरोध पर बातचीत जारी है और अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। एयरलाइन को हाल के समय में विमान हादसे, पाकिस्तान के एयरस्पेस प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

