
नेपाल महाप्रलय के बाद चीन पर आरोपों की बौछार, बीजिंग का आया जवाब
नेपाल में तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ के बाद चीन की भूमिका पर सवाल उठे हैं। नेपाल के पत्रकारों ने समय पर सूचना नहीं देने का आरोप लगाया है। इस बीच चीन के राजदूत ने राहत और मदद का दावा किया है। हालांकि आरोपों पर उन्होंने सीधे जवाब नहीं दिया।

In Short
- नेपाल बाढ़ के बाद चीन पर समय पर सूचना नहीं देने के आरोप लगे वहीं चीनी राजदूत ने राहत प्रयासों की जानकारी दी।
- चीन ने नेपाल को आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक सहायता देने का दावा किया हालांकि आरोपों पर सीधा जवाब नहीं दिया।
- फ्लैश फ्लड से नेपाल और चीन दोनों प्रभावित हुए नेपाल में 157 मौतें और 403 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
नेपाल में तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद अब चीन की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नेपाल के पत्रकारों के एक समूह ने आरोप लगाया है कि चीन ने बाढ़ के खतरे की जानकारी नेपाल को समय रहते नहीं दी। इन आरोपों के बीच नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और चीन की ओर से किए जा रहे राहत प्रयासों की जानकारी साझा की है।
चीन ने जताया हादसे पर दुख
चीनी राजदूत झांग माओमिंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ग्यिरोंग-रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस हादसे में चीन और नेपाल दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में चीन नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।
चीन ने राहत सामग्री और आर्थिक मदद का किया दावा
झांग माओमिंग ने कहा कि चीन की तरफ भी इस आपदा से काफी नुकसान हुआ है। इसके बावजूद बीजिंग ने नेपाल के लिए आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक सहायता की व्यवस्था तुरंत की।
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उन्होंने कहा कि चीन आगे भी नेपाल को हर संभव सहायता देने की कोशिश करेगा। साथ ही दोनों देशों के मिलकर इस मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य हालात बहाल करने की बात कही।
बाढ़ की जानकारी नहीं देने के आरोप पर जवाब नहीं
हालांकि चीनी राजदूत ने नेपाल के पत्रकारों की ओर से लगाए गए उस आरोप पर सीधे कोई जवाब नहीं दिया, जिसमें कहा गया था कि चीन ने नेपाल को बाढ़ की जानकारी समय पर नहीं दी।
उनका बयान मुख्य रूप से चीन की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों और सहायता पर केंद्रित रहा। ग्यिरोंग-रसुवागढ़ी क्षेत्र दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा क्षेत्र है। ऐसे में आपदा के बाद सूचना साझा करने और प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दोनों देशों में जारी है राहत और बचाव अभियान
नेपाल और चीन में आई इस फ्लैश फ्लड से हालात गंभीर बने हुए हैं। नेपाल और चीन में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 163 पहुंच गई है।

नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में अब तक 157 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 403 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं चीन में भी हालात गंभीर हैं और 265 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
हिमालयी सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा ने दोनों देशों में भारी तबाही मचाई है और प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

