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S&P ने Adani Ports की रेटिंग क्यों बढ़ाई? जानिए कंपनी के लिए कितनी बड़ी खबर

S&P का कहना है कि अगले 12-24 महीनों में Adani Ports का मज़बूत ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस, ग्रोथ पर ज़्यादा खर्च के बावजूद नेट डेट और EBITDA के बीच लगभग 2.6 गुना के स्थिर अनुपात को बनाए रखने में मदद करेगा।

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S&P को उम्मीद है कि अडानी पोर्ट्स सामान्य कामकाज के दायरे से बाहर कोई बड़ा 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांज़ैक्शन' (आपसी हितों वाली पार्टियों के बीच लेन-देन) नहीं करेगी.
S&P को उम्मीद है कि अडानी पोर्ट्स सामान्य कामकाज के दायरे से बाहर कोई बड़ा 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांज़ैक्शन' (आपसी हितों वाली पार्टियों के बीच लेन-देन) नहीं करेगी.

In Short

  • Adani Ports को S&P से बड़ा भरोसा, 'BBB' रेटिंग के साथ मिला अपग्रेड
  • Adani Ports के लिए खुशखबरी, S&P ने बढ़ाई क्रेडिट रेटिंग
  • S&P ने Adani Ports की रेटिंग बढ़ाई, विस्तार और कमाई पर जताया भरोसा
  • Adani Ports की वित्तीय मजबूती पर S&P की मुहर, 'BBB' रेटिंग मिली

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड को वैश्विक रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings से बड़ा भरोसा मिला है। एजेंसी ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग BBB- से बढ़ाकर BBB कर दी है। S&P ने यह अपग्रेड कंपनी के मजबूत परिचालन प्रदर्शन, संतुलित कर्ज नीति और विस्तार योजनाओं के लिए मजबूत वित्तीय क्षमता को देखते हुए दिया है।

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रेटिंग अपग्रेड की क्या रही वजह?

S&P Global Ratings के अनुसार अगले 12 से 24 महीनों में अडानी पोर्ट्स का मजबूत परिचालन प्रदर्शन जारी रहने की उम्मीद है। एजेंसी का अनुमान है कि कंपनी ग्रोथ पर निवेश बढ़ाने के बावजूद नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात करीब 2.6 गुना पर बनाए रखेगी एजेंसी ने कहा कि कंपनी की विविध परिसंपत्तियां और मजबूत नकदी प्रवाह उसे विस्तार योजनाओं के बावजूद वित्तीय रूप से मजबूत बनाए रखेंगे।

कार्गो वॉल्यूम और कमाई बढ़ने की उम्मीद

S&P का मानना है कि विझिनजाम पोर्ट कोलंबो पोर्ट और ऑस्ट्रेलिया में NQXT से पूरे साल मिलने वाली आय कंपनी की कमाई को मजबूती देगी। इसके चलते वित्त वर्ष 2027 में कार्गो वॉल्यूम में करीब 18% और उसके बाद दो वर्षों में 7% से 8% की वृद्धि का अनुमान है।

कैपेक्स बढ़ाएगी कंपनीएजेंसी के मुताबिक अडानी पोर्ट्स का वार्षिक कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) मौजूदा 13,000 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2027-28 में 18,000 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2029 तक 20,000 करोड़ रुपये हो सकता है।इस अनुमानित निवेश का लगभग 65% हिस्सा भारत में पोर्ट विस्तार, खासकर कंटेनर टर्मिनलों के विकास पर खर्च किया जाएगा। शेष निवेश लॉजिस्टिक्स, मरीन सर्विसेज और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में संभावित विस्तार पर किया जाएगा।