Budget 2026: क्या है SHE-Mart जिसका वित्त मंत्री निर्माल सीतारमण ने अपने बजट भाषण में किया ऐलान?
रविवार, 1 फरवरी को अपने नौवें बजट भाषण के दौरान उन्होंने 'SHE-Mart' (शी-मार्ट) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। यह पहल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो ग्रामीण इलाकों में छोटे उद्यम चला रही हैं।

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश का बजट पेश करते हुए ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा की है। रविवार, 1 फरवरी को अपने नौवें बजट भाषण के दौरान उन्होंने 'SHE-Mart' (शी-मार्ट) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। यह पहल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो ग्रामीण इलाकों में छोटे उद्यम चला रही हैं।
क्या है SHE- Mart?
अभी देश के दूर-दराज इलाकों में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) के जरिए अपने बनाए सामान को बाजार तक पहुंचाती हैं। अब सरकार ने बजट में ऐलान किया है कि इन महिलाओं को अपना सामान बेचने के लिए एक अलग और पक्का प्लेटफॉर्म दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ‘SHE Marts’ (Self-Help Entrepreneur Marts) शुरू करने जा रही है।
ये SHE Marts क्लस्टर लेवल पर बनने वाले कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल स्टोर होंगे, जहां महिलाएं अपने प्रोडक्ट सीधे बेच सकेंगी। इसे लखपति दीदी योजना का अगला कदम माना जा रहा है, क्योंकि इसका मकसद महिलाओं को सिर्फ लोन लेकर काम करने तक सीमित न रखकर पूरा बिजनेस चलाने वाला मालिक बनाना है।
महिलाओं के लिए नई फाइनेंसिंग और ‘She-Mark’
सरकार ने लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को और मजबूत सपोर्ट देने की बात कही है। बजट में कहा गया है कि SHE Marts के जरिए महिलाओं को नए और आसान फाइनेंसिंग ऑप्शन दिए जाएंगे, ताकि वे अपने बिजनेस को बढ़ा सकें।
इसके साथ ही सरकार ने ‘She-Mark’ नाम का एक नया बैज लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह बैज महिलाओं को फाइनेंस और ग्रोथ से जुड़े टूल्स तक आसान पहुंच दिलाने में मदद करेगा। SHG से जुड़ी महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स और नए फाइनेंशियल टूल्स मिलेंगे, जिससे वे अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकेंगी।
हर जिले में बनेंगे छात्राओं के लिए हॉस्टल
उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
सीतारमण ने खासतौर पर विज्ञान और तकनीक (STEM) की पढ़ाई करने वाली छात्राओं की मुश्किलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लैब में लंबे समय तक काम करने और पढ़ाई के घंटों की वजह से लड़कियों को रहने की समस्या आती है। इन नए हॉस्टलों से छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ आवास मिलेगा, जिससे विज्ञान जैसे कठिन विषयों में उनका नामांकन बढ़ेगा।
मिशन शक्ति के लिए बजट का प्रावधान
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 'मिशन शक्ति' के लिए 3,605 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी टाउनशिप और टेलिस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी (खगोल विज्ञान) जैसे विषयों में लड़कियों की रुचि बढ़ाने के लिए विशेष अनुभव आधारित सुविधाएं प्रदान करेगी।

