
Volkswagen ने वापस बुलाई 28.6 लाख गाड़ियां, मिली ये खराबी; कहीं आपकी कार तो शामिल नहीं?
फॉक्सवैगन ग्रुप ने दुनियाभर में लाखों कारों को वापस बुलाने का फैसला किया है। मामला स्टीयरिंग से जुड़े एक बोल्ट का है, जिसमें जंग लगने से बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। रिकॉल में फॉक्सवैगन और ऑडी की कई गाड़ियां शामिल हैं। जानिए कौन से मॉडल इससे प्रभावित हो सकते हैं।

In Short
- फॉक्सवैगन ग्रुप ने दुनियाभर में 28.6 लाख कारों को रिकॉल किया है।
- स्टीयरिंग रैक से जुड़े माउंटिंग बोल्ट में जंग लगने का खतरा सामने आया है।
- भारत में बिकने वाली टाइगुन और ऑडी क्यू3 भी ग्लोबल लिस्ट में शामिल मॉडल हैं।
एक बोल्ट में आई छोटी सी दिक्कत कितनी बड़ी परेशानी बन सकती है, इसका अंदाजा फॉक्सवैगन ग्रुप के हालिया फैसले से लगाया जा सकता है। कंपनी ने दुनियाभर में अपनी 28.6 लाख कारों को रिकॉल किया है। इसमें फॉक्सवैगन और ऑडी दोनों ब्रांड की गाड़ियां शामिल हैं। इन कारों में स्टीयरिंग से जुड़े एक बोल्ट में समस्या सामने आई है, जो समय के साथ खतरनाक हो सकती है।
क्यों वापस बुलाई गईं 28.6 लाख कारें?
कारों में जिस समस्या का पता चला है, वह स्टीयरिंग रैक को फ्रंट सब-फ्रेम से जोड़ने वाले माउंटिंग बोल्ट से जुड़ी है। कुछ परिस्थितियों में इस बोल्ट में जंग लग सकती है। जंग बढ़ने पर बोल्ट कमजोर होकर टूट सकता है और स्टीयरिंग रैक हाउसिंग को नुकसान पहुंचा सकता है।
इससे ड्राइवर का स्टीयरिंग पर कंट्रोल कम हो सकता है। स्थिति ज्यादा खराब होने पर स्टीयरिंग से कंट्रोल पूरी तरह खत्म होने का खतरा भी हो सकता है। इसी को देखते हुए कंपनी ने एहतियात के तौर पर प्रभावित कारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
कौन-कौन सी कारें हैं शामिल?
रिकॉल की गई गाड़ियों में फॉक्सवैगन गोल्फ, गोल्फ वेरिएंट, टाइगुन, टूरैन और कैडी शामिल हैं। इसके अलावा ऑडी क्यू3 भी इस रिकॉल का हिस्सा है।
कुल 28.6 लाख कारों में से करीब 21.6 लाख गाड़ियां फॉक्सवैगन की हैं, जबकि 6.96 लाख कारें ऑडी क्यू3 हैं। फॉक्सवैगन की सितंबर 2013 से जुलाई 2024 के बीच बनी कारों में यह समस्या हो सकती है। वहीं ऑडी क्यू3 की अक्टूबर 2017 से मई 2024 के बीच बनी यूनिट्स प्रभावित हुई हैं।

क्या सामने आया कोई हादसा?
जर्मनी की फेडरल मोटर ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, फिलहाल इस समस्या से किसी तरह का नुकसान होने का मामला सामने नहीं आया है। कंपनी ने किसी संभावित हादसे से पहले ही समस्या को ठीक करने के लिए रिकॉल का कदम उठाया है।
प्रभावित कारों में डीलरशिप पर मौजूदा बोल्ट को हटाकर उसकी जगह ज्यादा कोरोजन रेजिस्टेंट बोल्ट लगाया जाएगा।
क्या भारत में भी पड़ेगा असर?
ग्लोबल रिकॉल की लिस्ट में शामिल कई कारें भारत में मेनस्ट्रीम प्रोडक्ट नहीं रही हैं। हालांकि, फॉक्सवैगन टाइगुन भारतीय बाजार में बिकती रही है और ऑडी क्यू3 की भी कई जनरेशन यहां बेची गई हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इस अवधि में बनी सभी टाइगुन और ऑडी क्यू3 प्रभावित हैं। कंपनी व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर, प्रोडक्शन डेट और कंपोनेंट कॉम्बिनेशन के आधार पर प्रभावित कारों की पहचान कर रही है। फिलहाल भारत में फॉक्सवैगन ग्रुप की ओर से इस रिकॉल को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

