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पैसेंजर व्हीकल्स के बाद अब कमर्शियल वाहनों की दाम बढ़ाएगी टाटा मोटर्स! अब इतनी महंगी होगी गाड़ियां

टाटा मोटर्स के ग्राहकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। कंपनी ने अपने वाहन कारोबार से जुड़ा ऐसा फैसला लिया है, जिसका असर आने वाले दिनों में खरीदारों पर पड़ सकता है। यह बदलाव कब से लागू होगा और किन ग्राहकों पर इसका असर पड़ेगा, जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें।

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AI Generated Image

In Short

  • टाटा मोटर्स 1 जुलाई 2026 से अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 2.5% तक बढ़ोतरी करने जा रही है।
  • कीमतों में वृद्धि ट्रक, बस और अन्य कमर्शियल वाहनों की पूरी रेंज पर लागू होगी।
  • कंपनी ने बढ़ती कमोडिटी कीमतों और उत्पादन लागत में इजाफे को इस फैसले की मुख्य वजह बताया है।

टाटा मोटर्स ने अब अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इससे पहले हाल ही में कंपनी ने अपने पैसेंजर व्हीकल्स की कीमतों में बढ़ोतरी करने की जानकारी दी थी।

कंपनी ने कहा है कि 1 जुलाई 2026 से उसके कमर्शियल वाहन पोर्टफोलियो पर कीमतें 2.5% तक बढ़ाई जाएंगी। यह बढ़ोतरी ट्रकों, बसों और अन्य कमर्शियल वाहनों की पूरी रेंज पर लागू होगी। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के अनुसार अलग हो सकती है।

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कंपनी ने 18 जून 2026 को जारी प्रेस रिलीज में बताया कि बढ़ती कमोडिटी कीमतों और अन्य लागतों के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। 

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ऑटोमोबाइल उद्योग लागत दबावों का सामना कर रहा है। Tata Motors ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में ग्रोथ सभी कमर्शियल वाहन कैटेगरियों पर लागू होगी, लेकिन इसकी सीमा वाहन के मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय होगी।

हाल ही में पैसेंजर व्हीकल्स के दामों में बढ़ोतरी की दी थी जानकारी

हाल ही में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) ने पैसेंजर वाहनों के दाम बढ़ाने की जानकारी दी थी। पैसेंजर व्हीकल्स के दाम भी अगले महीने यानी 1 जुलाई से बढ़ने वाले हैं। 

कंपनी ने बताया था कि ICE वाले वाहन और इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) दोनों तरह की गाड़ियां के दाम बढ़ेंगे। हालांकि कंपनी ने बताया था कि पैसेंजर सेगमेंट की गाड़ियों की कीमतों में अधिकतम 1.5 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी।

टाटा मोटर्स का कहना है कि प्रोडक्शन और अन्य संबंधित लागतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसका सीधा असर कंपनी के कामकाज पर पड़ रहा है।

कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, बढ़ती लागत का एक बड़ा हिस्सा टाटा मोटर्स खुद वहन कर रही है, लेकिन लागत में हुई कुल वृद्धि के पूरे बोझ को अकेले संभालना अब संभव नहीं है।

यही कारण है कि कंपनी ने इसे ग्राहकों के साथ आंशिक रूप से साझा करने का फैसला लिया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि ऑटोमोबाइल उद्योग इस समय इनपुट लागत के कड़े दबाव से गुजर रहा है, जिसका असर गाड़ियों की कीमतों पर दिखना शुरू हो गया है।