scorecardresearch

EV Insurance: बैटरी खराब हुई तो इंश्योरेंस कंपनी पैसा देगी या नहीं? जानें पूरा नियम

बिजनेस टुडे के पर्सनल फाइनेंस शो Money Today में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए इंश्योरेंस एक्सपर्ट, दीपक जोहान ने कहा कि अगर दुर्घटना में EV की बैटरी को नुकसान पहुंचता है तो वाहन के दूसरे हिस्सों की तरह इंश्योरेंस कवर मिल सकता है।

Advertisement

भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बिक्री बढ़ने के साथ बैटरी की सुरक्षा भी खरीदारों के लिए अहम सवाल बन गई है। बिजनेस टुडे के पर्सनल फाइनेंस शो Money Today में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए इंश्योरेंस एक्सपर्ट, दीपक जोहान ने कहा कि अगर दुर्घटना में EV की बैटरी को नुकसान पहुंचता है तो वाहन के दूसरे हिस्सों की तरह इंश्योरेंस कवर मिल सकता है। लेकिन मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट या अंदरूनी खराबी के मामले में जिम्मेदारी इंश्योरेंस कंपनी की नहीं, बल्कि निर्माता की वारंटी की होती है।

advertisement

हादसे में बैटरी का नुकसान कवर

एक्सपर्ट ने बताया कि इंश्योरेंस के नजरिए से EV की बैटरी को वाहन के दूसरे पार्ट की तरह ही माना जाता है। उन्होंने कहा कि बैटरी को वाहन के एक अन्य हिस्से के रूप में माना जाता है। यानी दुर्घटना में बैटरी को हुआ नुकसान उस तरह के बीमित नुकसान के दायरे में आ सकता है, जो वाहन के दूसरे हिस्सों पर लागू होता है।

यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि EV में बैटरी सबसे महंगे रिपेयर आइटम में शामिल हो सकती है। ऐसे में कॉम्प्रिहेंसिव या ओन-डैमेज पॉलिसी दुर्घटना से हुई बैटरी क्षति के वित्तीय बोझ को कम कर सकती है।

मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट पर वारंटी काम आएगी

बैटरी में खराबी दुर्घटना के कारण नहीं हुई है तो स्थिति बदल जाती है। एक्सपर्ट के मुताबिक, कोई भी मैन्यूफैक्चरिंग डिफेट या निर्माता की तरफ से बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने पर मामला इंश्योरेंस के बजाय वारंटी के तहत आएगा।

इसका मतलब है कि EV खरीदते समय सिर्फ मोटर इंश्योरेंस देखना पर्याप्त नहीं है। बैटरी की वारंटी की अवधि और शर्तों को समझना भी उतना ही जरूरी है।

पानी से शॉर्ट सर्किट पर नहीं मिलेगा कवर

एक्सपर्ट ने पानी से होने वाले नुकसान को भी अलग बताया। अगर दुर्घटना में बैटरी क्षतिग्रस्त होती है तो इंश्योरेंस मिल सकता है। लेकिन अगर बैटरी पर पानी गिरने से शॉर्ट सर्किट हो जाता है और बैटरी काम करना बंद कर देती है, तो इंश्योरेंस कंपनी इसे कवर नहीं करेगी।इसलिए EV मालिकों को पॉलिसी की exclusions ध्यान से पढ़नी चाहिए। हर बैटरी खराबी को इंश्योर्ड मानना भारी पड़ सकता है।

EV मालिकों को क्या देखना चाहिए?

EV खरीदते समय कॉम्प्रिहेंसिव कवर, पॉलिसी की exclusions और बैटरी वारंटी की शर्तों को पढ़ना जरूरी है।