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EV लेने का है प्लान? खरीदने से पहले जान लें किन फीचर्स से मिलती है ज्यादा रेंज

क्या आप भी इलेक्ट्रिक कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं? तो सिर्फ कंपनी की बताई रेंज देखकर फैसला न लें। इको मोड, रीजनरेटिव ब्रेकिंग, टायर प्रेशर और गाड़ी की स्पीड भी बैटरी खर्च पर असर डालती है। खरीदने से पहले जानिए कौन-से फीचर्स ज्यादा रेंज हासिल करने में मदद करते हैं।

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AI Generated Image

In Short

  • इको मोड रीजनरेटिव ब्रेकिंग और स्मार्ट रूटिंग जैसे फीचर्स EV की बैटरी बचाने में मदद करते हैं।
  • हाईवे पर करीब 96 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड को रेंज और परफॉर्मेंस के लिए संतुलित माना जाता है।

Electric Vehicle Range: इलेक्ट्रिक कार खरीदते समय लोगों के मन में सबसे पहला सवाल उसकी रेंज को लेकर आता है। हर कोई जानना चाहता है कि गाड़ी एक बार फुल चार्ज होने के बाद कितनी दूर तक चलेगी। इसी जरूरत को देखते हुए कंपनियां अब इलेक्ट्रिक कारों में कई ऐसे फीचर्स दे रही हैं, जो बैटरी की खपत कम करने और रेंज बढ़ाने में मदद करते हैं।

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इको मोड से कम खर्च होती है बैटरी

ज्यादातर नई इलेक्ट्रिक कारों में इको मोड दिया जाता है। इस मोड को चालू करने पर गाड़ी थोड़ी धीरे रफ्तार पकड़ती है। इससे बैटरी पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और एनर्जी की खपत कम होती है।

एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल भी बैटरी बचाने में काम आता है। यह फीचर सड़क और ट्रैफिक के हिसाब से गाड़ी की स्पीड खुद ही कम या ज्यादा करता रहता है। इससे ड्राइवर को बार-बार तेज एक्सीलरेटर या ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

प्रीकंडीशनिंग से बचती है बैटरी की एनर्जी

कई इलेक्ट्रिक कारों में प्रीकंडीशनिंग फीचर भी मिलता है। इसकी मदद से कार चार्ज होते समय ही केबिन को ठंडा या गर्म किया जा सकता है।

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इससे सफर शुरू होने के बाद एसी या हीटर चलाने में बैटरी की ज्यादा एनर्जी खर्च नहीं होती।

ब्रेक लगाने पर बैटरी में लौटती है एनर्जी

रीजनरेटिव ब्रेकिंग भी इलेक्ट्रिक कार की रेंज बढ़ाने वाला जरूरी फीचर है। कुछ गाड़ियों में इसे वन-पेडल ड्राइविंग भी कहा जाता है। जब ड्राइवर गाड़ी की रफ्तार कम करता है या ब्रेक लगाता है तो उस दौरान बनने वाली एनर्जी वापस बैटरी में चली जाती है।

स्मार्ट रूटिंग सिस्टम रास्ते में आने वाले ट्रैफिक, चार्जिंग स्टेशन और चढ़ाई-उतराई को देखकर बेहतर रास्ता सुझाता है। इससे बैटरी का बेवजह इस्तेमाल कम होता है।

टायर प्रेशर और डिजाइन का भी पड़ता है असर

टायर में हवा कम होने पर इलेक्ट्रिक कार की रेंज 5 से 10 प्रतिशत तक घट सकती है। इसलिए टायर प्रेशर मॉनिटर भी काफी जरूरी फीचर है। इसके अलावा बंद ग्रिल और फ्लश डोर हैंडल जैसी एरोडायनामिक डिजाइन हवा का दबाव कम करती है और रेंज बेहतर करने में मदद करती है।

किस स्पीड पर मिलती है बेहतर रेंज

इलेक्ट्रिक कारें आमतौर पर 90 से 105 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पर ज्यादा एफिशिएंट मानी जाती हैं। इससे ज्यादा रफ्तार पर हवा का दबाव बढ़ जाता है और बैटरी जल्दी खर्च होने लगती है। हाईवे पर करीब 96 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड को रेंज और परफॉर्मेंस के बीच संतुलित माना जाता है।

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