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भारत में तेजी से बढ़ रहा इलेक्ट्रिक कारों का क्रेज, हर 100 में से इतनी कारें अब EV

भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। सितंबर के FADA आंकड़ों में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी नए स्तर पर पहुंच गई, जबकि Tata Motors इस बाजार में सबसे आगे बनी हुई है। दोपहिया और तिपहिया वाहनों में भी इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी बढ़ी है। हालांकि गाड़ियों की बढ़ती कीमतों को लेकर FADA ने चिंता जताई है।

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भारत में बढ़ती इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री
भारत में बढ़ती इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री

In Short

  • सितंबर में नई कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 8.45% रही
  • Tata Motors ने सितंबर में 14,706 इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया
  • सभी वाहन कैटेगरी को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 13% रही

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस यानी FADA के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में देश में बिकने वाली नई कारों में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 8.45% रही। यानी हर 100 नई कारों में 8 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बिक रही हैं।

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इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री के मामले में Tata Motors Passenger Vehicles पहले स्थान पर बनी हुई है। सितंबर में Tata Motors की 14,706 इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ। वहीं Mahindra & Mahindra ने 7,366 इलेक्ट्रिक SUV बेचीं। यानी Tata Motors की बिक्री Mahindra के मुकाबले करीब दोगुनी रही।

Tata की हर चौथी कार अब इलेक्ट्रिक

Tata Motors ने इलेक्ट्रिक कारों की हर महीने की क्षमता भी तेजी से बढ़ाई है। एक साल पहले यह करीब 8,000 कारें प्रति महीने थीं, जो सितंबर तक बढ़कर 16,000 से ज्यादा कारें हो गईं।

अब Tata Motors Passenger Vehicles की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी करीब 25% है, जो एक साल पहले 14% थी। इलेक्ट्रिक कारों की मांग लगातार सप्लाई से ज्यादा बनी हुई है। सप्लाई की कमी के कारण कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी फिलहाल 25% पर बनी हुई है।

Tata Motors Passenger Vehicles के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्र ने सितंबर में कहा था कि मांग जिस तेजी से बढ़ रही है, उसके मुकाबले कंपनी के लिए उतनी तेजी से आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है।

पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा

इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री बढ़ने के बावजूद यात्री कारों में पेट्रोल अभी भी सबसे आगे है। सितंबर में पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी 41% रही।

वहीं CNG कारों की हिस्सेदारी 23% रही, जो पिछले साल सितंबर में 22% थी। हालांकि अगस्त 2026 में CNG की हिस्सेदारी 25% थी, जो सितंबर में घटकर 23% हो गई।

दोपहिया और तिपहिया वाहनों में भी बढ़ी इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी

सितंबर में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 11.58% हो गई। वहीं तिपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी 65% तक पहुंच गई। सभी तरह के वाहनों को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल हिस्सेदारी करीब 13% रही।

सितंबर में यात्री कारों की रिकॉर्ड बिक्री

सितंबर में यात्री वाहनों की बिक्री रिकॉर्ड 4,27,213 गाड़ियों तक पहुंच गई। यह पिछले साल के मुकाबले 32.10% ज्यादा है।

दोपहिया वाहनों की बिक्री 33.08% बढ़कर 17.9 लाख हो गई। वहीं कमर्शियल वाहनों की बिक्री 37.62% बढ़ी और पहली बार किसी सितंबर में एक लाख का आंकड़ा पार कर गई।

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हालांकि बिक्री में इतनी बड़ी तेजी की एक वजह पिछले साल की कम बिक्री भी रही। पिछले साल ग्राहकों ने 22 सितंबर 2025 को GST दरों में बदलाव से पहले गाड़ियों की खरीद टाल दी थी।

गाड़ियों की बढ़ती कीमतों पर FADA ने जताई चिंता

FADA ने चेतावनी दी है कि 2026 में वाहन कंपनियों की ओर से लगातार बढ़ाई गई कीमतें GST 2.0 से ग्राहकों को मिले सस्ती कीमत के फायदे को कम कर सकती हैं।

FADA के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि डीलर्स के लिए आने वाली तिमाही में गाड़ियों की कीमतों में और बढ़ोतरी सबसे बड़ी चिंता है। उनके मुताबिक, GST से मिले कीमत के फायदे को बनाए रखना जरूरी है, ताकि त्योहारी सीजन में बढ़ी बिक्री आगे भी बनी रहे।

इस बीच यात्री वाहनों का स्टॉक अगस्त के अंत के मुकाबले पांच दिन बढ़कर करीब 43 से 45 दिन हो गया है। यह FADA के सुझाए 21 दिनों से काफी ज्यादा है। त्योहारी सीजन से पहले करीब 60% यात्री वाहन डीलरों ने अपने पास ज्यादा स्टॉक होने की जानकारी दी है।