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दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा नया हाईटेक कॉरिडोर, ₹4000 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

दिल्ली से जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की योजना आगे बढ़ गई है। नोएडा अथॉरिटी ने इसके संशोधित अलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। करीब 4,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना से सफर का समय कम होने की उम्मीद है।

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AI Generated Image

In Short

  • दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक करीब 50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के संशोधित अलाइनमेंट को मंजूरी मिली।
  • करीब 4,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना से दिल्ली और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच सफर आसान होगा।
  • एक्सप्रेसवे के साथ नमो भारत और मेट्रो कनेक्टिविटी की योजना से NCR में ट्रांसपोर्ट नेटवर्क मजबूत होगा।

दिल्ली से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सफर अब आसान होने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। नोएडा अथॉरिटी ने दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले करीब 50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के संशोधित फाइनल अलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। करीब 4,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना का मकसद एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बेहतर करना और मौजूदा सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना है।

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अक्षरधाम से जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा कॉरिडोर

प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा। इस करीब 50 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का लगभग 27 किलोमीटर हिस्सा नोएडा क्षेत्र में आएगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

योजना के अनुसार मुख्य एक्सप्रेसवे 6 लेन का होगा। वहीं जरूरत के हिसाब से एंट्री और मर्जिंग वाले हिस्सों को 8 लेन तक चौड़ा किया जा सकता है। इससे व्यस्त समय में ट्रैफिक को संभालने में मदद मिलेगी।

NHAI करेगा निर्माण और रखरखाव

इस परियोजना के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की होगी। फिलहाल यह प्रोजेक्ट डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR के चरण में है।

प्रस्तावित रूट पर NHAI की ओर से मिट्टी की जांच भी कराई जाएगी। इसका उद्देश्य जमीन की भार क्षमता और निर्माण के लिए उसकी उपयुक्तता को समझना है।

बदला गया एक्सप्रेसवे का रूट

शुरुआती योजना के मुताबिक एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को यमुना नदी के तटबंध के समानांतर बनाया जाना था। हालांकि, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने बाढ़ के खतरे और तटबंध की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।

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इसके बाद प्रस्तावित रूट को नोएडा की ओर करीब 5 मीटर शिफ्ट किया गया। अब नोएडा अथॉरिटी ने संशोधित अलाइनमेंट को अंतिम मंजूरी दे दी है।नोएडा सेक्टर-94 से यमुना नदी के तटबंध के साथ गुजरने वाली 120 मीटर चौड़ी सड़क को इस एक्सप्रेसवे का प्रमुख एक्सेस रूट बनाया जाएगा।

दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट पहुंचना होगा आसान

इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में करीब 60 से 70 मिनट का समय लगने का अनुमान है।

इससे मयूर विहार, पटपड़गंज, आईपी एक्सटेंशन, कालिंदी कुंज और सरिता विहार जैसे इलाकों के लोगों को एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।

यह कॉरिडोर मंझावली पुल के जरिए फरीदाबाद से भी जुड़ सकेगा। इसके अलावा यह एनसीआर के प्रमुख एक्सप्रेसवे और रोड नेटवर्क से कनेक्ट होगा।

नमो भारत से जोड़ने की भी तैयारी

जेवर एयरपोर्ट को एनसीआर से जोड़ने की योजना सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं है। एनसीआरटीसी ने गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले 72.44 किलोमीटर लंबे ट्रांजिट कॉरिडोर का प्रस्ताव भी दिया है।

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इस कॉरिडोर में 11 नमो भारत स्टेशन और 18 स्थानीय मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसका उद्देश्य गाजियाबाद, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच तेज और आसान कनेक्टिविटी देना है।

एनसीआरटीसी के प्रस्ताव के मुताबिक यह कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ नमो भारत के गाजियाबाद स्टेशन को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा। इसमें करीब 71.5 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और 1.29 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड रखने का प्रस्ताव है। हालांकि दोनों परियोजनाएं अभी प्लानिंग चरण में हैं।