2000 नोट बदली मामले में सोमवार को सुनवाई करेगी अदालत
RBI ने 19 मई 2023 को 2000 के बैंक नोटों को बदलने का फैसला लिया था, इसके बाद से चारों तरफ नोट बदलने काम शुरू हो गया था। लेकिन कुछ लोगों ने इस मामले में अदालत में भी केस किया था। एक ऐसी ही याचिका पर अब दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अब इस पर सुनवाई सोमवार को होगी। ये जनहित याचिका एडवोकेट रजनीश भास्कर गुप्ता ने दायर की है।

RBI ने 19 मई 2023 को 2000 के बैंक नोटों को बदलने का फैसला लिया था, इसके बाद से चारों तरफ नोट बदलने काम शुरू हो गया था।
लेकिन कुछ लोगों ने इस मामले में अदालत में भी केस किया था। एक ऐसी ही याचिका पर अब Delhi HighCourt सोमवार को सुनवाई करेगा।कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अब इस पर सुनवाई सोमवार को होगी। ये जनहित याचिका Advocate Rajneesh Bhaskar Gupta ने दायर की है।
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उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि RBI के पास ऐसा निर्णय लेने के लिए RBI अधिनियम के तहत कोई Independent पावर नहीं है। वहीं आरबीआई की ओर से पेश Senior Advocate Parag Tripathi ने कहा कि आरबीआई का हालिया फैसला नोटबंदी नहीं है और यह केवल करेंसी मैनेजमेंट की एक एक्सरसाइज है।
उन्होंने सुझाव दिया कि मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी जाए। Chief Justice Satish Chandra Sharma And J Subramaniam Prasad की बेंच ने यह भी कहा कि वे BJP नेता Ashwini Upadhyay की याचिका पर सोमवार को फैसला सुनाएंगे। RBI और SBI के बिना डॉक्यूमेंट के नोट बदलने के आदेश के खिलाफ भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने दिल्ली हाईकोर्ट में PIL दायर की थी। उन्होंने बिना किसी पहचान प्रमाण पत्र के 2000 के नोट बदलने की अनुमति न देने की मांग की है। मंगलवार यानी 23 मई को कोर्ट ने इस पर सुनवाई कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। गुप्ता ने अपनी याचिका में कहा है की RBI के पास ऐसा निर्णय लेने के लिए RBI अधिनियम के तहत कोई इंडिपेंडेंट पावर नहीं है। केवल 4-5 साल के सर्कुलेशन के बाद बैंकनोट को वापस लेने का निर्णय अन्यायपूर्ण और मनमाना है। क्लीन नोट पॉलिसी में RBI नकली या गंदे नोटों को नष्ट करती है, लेकिन 2000 रुपए के मामले में ऐसा नहीं हो रहा।
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