
Bajrang Bali का नाम लेकर खूब बरसे PM मोदी
कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में बजरंग दल और पीएफआई समेत नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। इस पर बीजेपी ने इस पूरे मसले को हनुमानजी से जोड़कर कांग्रेस पर हमला बोल दिया है। मंगलवार को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा में निशाना साधा और कहा कि ये दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने हनुमानजी को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है।

Karnataka में विधानसभा चुनाव का प्रचार अंतिम Round में है। इस बीच, हनुमानजी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
Congress ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में बजरंग दल और PFI समेत नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। इस पर बीजेपी ने इस पूरे मसले को हनुमानजी से जोड़कर कांग्रेस पर हमला बोल दिया है। मंगलवार को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा में निशाना साधा और कहा कि ये दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने हनुमानजी को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है।

पहले श्री राम को ताले में बंद किया था।
कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव की Voting है। सोमवार को BJP ने अपना मैनिफेस्टो जारी किया, उसके एक दिन बाद मंगलवार को बेंगलुरु में कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी किया है।कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष डॉ परमेश्वरजी ने घोषणा को सामने रखा। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में 'सत्ता में आने के एक साल के भीतर भाजपा सरकार द्वारा पारित सभी अन्यायपूर्ण कानूनों और जनविरोधी कानूनों को निरस्त करने' का वादा किया और बजरंग दल और पीएफआई समेत नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है।

कांग्रेस के घोषणा पत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुटकी ली और कहा कि आज हनुमान जी की इस पवित्र भूमि को नमन करना मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है और दुर्भाग्य देखिए, मैं आज जब यहां हनुमान जी को नमन करने आया हूं, उसी समय कांग्रेस पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में बजरंगबली को ताले में बंद करने का निर्णय लिया है। पहले श्री राम को ताले में बंद किया और अब जय बजरंगबली बोलने वालों को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है। यह देश का दुर्भाग्य है कि कांग्रेस पार्टी को प्रभु श्री राम से भी तकलीफ होती थी और अब जय बजरंगबली बोलने वालों से भी तकलीफ हो रही है.
