
नेपाल में तबाही और यहां बढ़ता खतरा, मंदाकिनी के उफान ने क्यों बढ़ाई चित्रकूट की चिंता?
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद अब चित्रकूट में नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। मंदाकिनी नदी कई बार खतरे के निशान को पार कर चुकी है और इसका पानी यमुना में मिलने से राजापुर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने राहत और बचाव टीमें तैनात की हैं।

In Short
- चित्रकूट में बाढ़ का खतरा: मंदाकिनी नदी के बाद अब यमुना का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है।
- कई गांवों का संपर्क टूटा: राजापुर तहसील के एक दर्जन से ज्यादा गांवों के रास्ते बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं।
- रेस्क्यू के लिए टीमें तैनात: प्रशासन ने NDRF और SDRF को अलर्ट पर रखा है और राहत कार्य जारी है।
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद हिमालयी क्षेत्रों में खतरा बना हुआ है। वहीं अब मैदानी इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति चिंता बढ़ा रही है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में फैले चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बाद अब यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर नई मुसीबत बनकर सामने आया है।
चित्रकूट की लाइफ लाइन कही जाने वाली मंदाकिनी नदी पिछले कुछ दिनों में कई बार खतरे के निशान को पार कर चुकी है। हालांकि एक दिन पहले नदी का जलस्तर कम हुआ था, लेकिन इसका पानी यमुना में पहुंचने के बाद राजापुर क्षेत्र में हालात बिगड़ने लगे हैं।
यमुना के बैक फ्लो से डूबे संपर्क मार्ग
यमुना नदी के उफान और पानी के बैक फ्लो के कारण राजापुर तहसील के कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इससे एक दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से प्रभावित हो गया है।
राजापुर क्षेत्र में सरधुआ से तिरहार जाने वाले मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी भर गया है। इसके कारण अर्की, बकता, बिहारवा, नैनी, गुरौला, सुरवल और भदेदूं समेत कई गांव प्रभावित हुए हैं।
सरधुआ के अर्की मोड़ के आसपास बने घरों में भी पानी घुस गया है। ग्रामीण अपने सामान को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। पहाड़ी ब्लॉक के कई गांवों में भी बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचने की सूचना है।
चार दिन में तीसरी बार खतरे के निशान से ऊपर पहुंची मंदाकिनी
मंदाकिनी नदी पिछले चार दिनों में तीसरी बार खतरे के निशान से ऊपर पहुंची, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में डर बढ़ गया। रामघाट समेत आसपास के घाट पानी में डूब गए और कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
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बारिश रुकने के बाद अब मंदाकिनी का जलस्तर नीचे आने लगा है, लेकिन नदी का पानी यमुना में मिलने से राजापुर इलाके में खतरा अभी बना हुआ है।
यमुना का जलस्तर 91 मीटर तक पहुंचा
चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के मुताबिक, राजापुर क्षेत्र के चार से पांच संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। राजापुर में यमुना का डेंजर लेवल करीब 88 मीटर है, जबकि जलस्तर करीब 91 मीटर तक पहुंच गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे हालात बिगड़ने का इंतजार न करें और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। डीएम और एसपी ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है।
NDRF और SDRF तैनात, राहत कार्य जारी
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए NDRF और SDRF की टीमों को तैनात किया है। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में भी मंदाकिनी का असर दिखाई दे रहा है। मऊकामगढ़ ब्रिज के आसपास नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पुल पर खतरा बना हुआ है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई और पुनर्बहाली का काम शुरू हो गया है। प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। वहीं, स्थानीय लोग और व्यापारी भी मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
मंत्री ने भी लिया हालात का जायजा
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और चित्रकूट के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने रामघाट पर हालात का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित की।
फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता यमुना के बढ़ते जलस्तर को लेकर है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

