मानसून की बेरुखी से बढ़ी पेट्रोल डीजल की मांग, LPG की बिक्री घटी, PNG की ओर बढ़ा रुझान
देश में अगस्त महीने में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अनियमित मानसून और खेती से जुड़ी जरूरतों के कारण ईंधन की मांग बढ़ी। वहीं LPG की खपत में गिरावट आई है क्योंकि कुछ कारोबारी और औद्योगिक उपभोक्ता पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।

In Short
- अगस्त में पेट्रोल बिक्री 9.1% बढ़कर 34.8 लाख टन पहुंची
- डीजल की मांग 10.2% बढ़ी, सिंचाई और खेती की जरूरतों ने बढ़ाई खपत
- LPG बिक्री 16.1% घटी, कुछ उपभोक्ता PNG की ओर हुए शिफ्ट
भारत में अगस्त महीने के दौरान पेट्रोल और डीजल की बिक्री में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। शुरुआती उद्योग आंकड़ों के अनुसार, अनियमित मानसूनी बारिश के कारण किसानों और वाहन चालकों की ओर से ईंधन की मांग बढ़ी है।
देश की तीन सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) की पेट्रोल बिक्री अगस्त में सालाना आधार पर 9.1% बढ़कर 34.8 लाख टन हो गई। पिछले साल अगस्त में यह आंकड़ा 31.9 लाख टन था।
यह लगातार दूसरा महीना है जब पेट्रोल की बिक्री में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई में भी पेट्रोल बिक्री में 9.7% की सालाना वृद्धि हुई थी।
डीजल की मांग में भी जोरदार उछाल
डीजल की बिक्री, जिसे देश की आर्थिक गतिविधियों का अहम संकेत माना जाता है, अगस्त में 10.2% बढ़कर 62.7 लाख टन पहुंच गई। पिछले साल इसी महीने में डीजल बिक्री 56.9 लाख टन थी।
खेती और सिंचाई में डीजल की बड़ी भूमिका होने के कारण मानसून में देरी और बारिश के असमान वितरण ने इसकी मांग बढ़ाई। किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए डीजल पंप चलाने पड़े।
हालांकि महीने-दर-महीने आधार पर डीजल बिक्री जुलाई के 71.3 लाख टन से 12% कम रही।
हवाई ईंधन की बिक्री भी बढ़ी
अगस्त में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की बिक्री भी बढ़ी। ATF की खपत 5.6% बढ़कर 6.77 लाख टन हो गई।
यह पिछले साल अगस्त की तुलना में 5.9% ज्यादा रही। वहीं जुलाई के मुकाबले इसमें 1.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
LPG की बिक्री में गिरावट, PNG की ओर बढ़ा रुझान
दूसरी तरफ LPG की बिक्री में लगातार गिरावट जारी रही। अगस्त में LPG बिक्री 16.1% घटकर 24.2 लाख टन रह गई। जुलाई में भी LPG की मांग में 17.4% की गिरावट दर्ज की गई थी।
उद्योग अधिकारियों के मुताबिक, इसकी एक बड़ी वजह कुछ औद्योगिक और कमर्शियल उपभोक्ताओं का पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर शिफ्ट होना है।
पश्चिम एशिया संकट के बाद LPG सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिसके कारण होटल और रेस्तरां जैसे क्षेत्रों में खपत को लेकर कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे। हालांकि जून में ये प्रतिबंध हटा दिए गए थे, लेकिन कई उपभोक्ता अब PNG का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अगस्त में LPG खपत पिछले साल के मुकाबले 12.6% कम रही।
