अमेरिका के सितंबर वीजा बुलेटिन में भारतीयों के लिए बड़ा बदलाव, ग्रीन कार्ड की राह में नया आया मोड़
अमेरिका के सितंबर 2026 वीजा बुलेटिन में भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए मिली-जुली खबर है। जहां फैमिली स्पॉन्सर्ड कैटेगरी में कई तारीखों में बढ़त हुई है, वहीं ईबी-1 इंडिया पर वित्त वर्ष खत्म होने से पहले अनअवेलेबल होने का खतरा बना हुआ है।

In Short
- ईबी-2 और ईबी-5 अनरिजर्व्ड कैटेगरी भारतीयों के लिए अभी भी अनअवेलेबल
- एफ-1 एफ-2बी और एफ-3 फैमिली कैटेगरी में भारतीय आवेदकों को मिली बड़ी राहत
- ईबी-1 इंडिया में ज्यादा डिमांड के कारण लग सकता है झटका
सितंबर 2026 का बुलेटिन वित्त वर्ष 2026 का आखिरी बुलेटिन है, जो 30 सितंबर को खत्म होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगस्त 2026 की तुलना में कटऑफ डेट सामान्य तौर पर स्थिर रही हैं। हालांकि ज्यादा मांग और वीजा नंबर के इस्तेमाल के कारण कुछ कैटेगरी में रेट्रोग्रेशन या अनुपलब्धता की स्थिति बन सकती है।
भारतीयों के लिए EB कैटेगरी में ज्यादा बदलाव नहीं
भारत की EB-1 फाइनल एक्शन डेट सितंबर बुलेटिन में 15 अक्टूबर 2022 पर बनी हुई है। EB-2 इंडिया अभी भी अनअवेलेबल है, जबकि EB-3 इंडिया की तारीख 1 जनवरी 2014 पर स्थिर है।
EB-4 इंडिया में जरूर आगे बढ़त हुई है। यह अगस्त में 15 अक्टूबर 2022 थी, जो सितंबर में बढ़कर 15 दिसंबर 2022 हो गई।
वहीं EB-5 अनरिजर्व्ड कैटेगरी भारत के लिए अभी भी अनअवेलेबल बनी हुई है।
EB-1 इंडिया पर बढ़ सकता है दबाव
विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ज्यादा मांग और वीजा नंबर के ज्यादा इस्तेमाल के कारण EB-1 इंडिया वित्त वर्ष खत्म होने से पहले अनअवेलेबल हो सकता है।
अगर ऐसा होता है तो इस कैटेगरी में आगे वीजा अप्रूवल प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में पात्र आवेदकों को देरी से बचने और USCIS की लागू फाइलिंग चार्ट की जांच करने की सलाह दी गई है।
फैमिली कैटेगरी में भारतीयों को बड़ी राहत
सितंबर बुलेटिन में सबसे ज्यादा प्रगति फैमिली स्पॉन्सर्ड कैटेगरी में देखने को मिली है।
भारत की F1 कैटेगरी की फाइनल एक्शन डेट दिसंबर 2018 से बढ़कर जनवरी 22, 2020 हो गई। F2B कैटेगरी जनवरी 2018 से बढ़कर अगस्त 22, 2019 पहुंच गई।
F3 कैटेगरी में सबसे बड़ी बढ़त हुई। इसकी तारीख मई 15, 2012 से बढ़कर अक्टूबर 22, 2014 हो गई।
भारतीय आवेदकों के लिए क्या ध्यान रखें
भारतीय फैमिली स्पॉन्सर्ड आवेदकों को F1, F2A, F2B और F3 में राहत मिली है। वहीं EB-1 इंडिया पर नजर बनाए रखना जरूरी है क्योंकि यह वित्त वर्ष खत्म होने से पहले अनअवेलेबल हो सकता है।
EB-2 और EB-5 अनरिजर्व्ड अभी भी भारतीयों के लिए उपलब्ध नहीं हैं। वहीं EB-3 इंडिया की तारीख जनवरी 2014 पर ही बनी हुई है।

