होर्मुज स्ट्रेट में बड़ा हमला होने का दावा! 7 तेल टैंकरों में आग, ईरान की धमकी से बढ़ा युद्ध का खतरा
होर्मुज स्ट्रेट में सात तेल टैंकरों पर हमले के दावे से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका को सैन्य ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है। हालांकि, हमलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस टकराव से दुनियाभर में तेल की सप्लाई और कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है?

In Short
- होर्मुज स्ट्रेट में 7 तेल टैंकरों पर हमले का दावा, जहाजों में आग लगने की खबर।
- ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की दी धमकी, दोनों देशों में तनाव बढ़ा।
- होर्मुज में बढ़ते तनाव से वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित होने और कीमतें बढ़ने का खतरा।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट में रातोंरात सात तेल टैंकरों पर हमले का दावा सामने आया है। ईरान के मुताबिक, इन जहाजों को या तो उसकी सेना ने निशाना बनाया या फिर ये समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आए। हमलों के बाद जहाजों में आग लगने की खबर है। हालांकि, इन घटनाओं और नुकसान की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सात तेल टैंकरों पर हमले का दावा
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना के हवाले से बताया कि होर्मुज स्ट्रेट में सात तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है।
दावे के मुताबिक, हमलों के बाद जहाजों में आग लग गई और वे समुद्र में क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं दी गई है।
ब्रिटेन की समुद्री निगरानी संस्था यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी इन हमलों की पुष्टि नहीं की है।
ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नौसेना ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वह इस जलमार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की मदद जारी रखता है, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है और अमेरिका के साथ बातचीत में इसे दबाव बनाने के अहम जरिये के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।
बातचीत के लिए तैयार, लेकिन रक्षा भी करेंगे
ईरान के शीर्ष राजनयिक अब्बास अरागची ने बुधवार को कहा कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अपनी सुरक्षा को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है।
ईरान का कहना है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों से शुरू हुए युद्ध से उसने कई सैन्य सबक सीखे हैं।
तेहरान ने समुद्र के नीचे बिछी केबल और डेटा सेंटर जैसे बुनियादी ढांचे तक हमलों का दायरा बढ़ाने के संकेत भी दिए हैं।
अमेरिका बढ़ा रहा सैन्य ताकत
दूसरी तरफ अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। इसमें तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर और हजारों अतिरिक्त सैनिक शामिल हैं।
इस बीच मध्यस्थ दोनों देशों को औपचारिक बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अमेरिका कुछ शर्तें मान ले, जिनमें ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाना शामिल है, तो एक हफ्ते में होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोला जा सकता है।
हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। दोनों पक्षों ने अप्रत्यक्ष बातचीत जारी रहने की बात मानी है।
दुनियाभर में तेल की कीमतों पर पड़ सकता है असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक रास्तों में शामिल है। यहां से तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरकों की आपूर्ति होती है।
अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध फिर तेज होता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ वैश्विक सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है। इससे तेल और दूसरे जरूरी उत्पादों की कीमतें बढ़ने का खतरा है।

