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ATF में एथेनॉल ब्लेंडिंग की कोई योजना नहीं, केजरीवाल के दावे पर बोले नागरिक उड्डयन मंत्री

क्या सच में सरकार हवाई जहाज के ईंधन में एथेनॉल मिलाने जा रही है? अरविंद केजरीवाल के दावे के बाद बड़ा विवाद छिड़ गया। अब नागरिक उड्डयन मंत्री ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए दावा पूरी तरह खारिज कर दिया है। आखिर ATF, एथेनॉल और SAF का पूरा मामला क्या है? पढ़िए पूरी खबर।

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In Short

  • नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया, ATF में एथेनॉल मिलाने की फिलहाल कोई योजना नहीं।
  • सरकार ने कहा कि Sustainable Aviation Fuel (SAF) अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों वाला एविएशन फ्यूल है।
  • केजरीवाल के दावे पर सरकार का पलटवार, ATF में एथेनॉल ब्लेंडिंग की बात को बताया गलत।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापु ने साफ कहा है कि सरकार की एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल मिलाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के उस दावे को पूरी तरह गलत बताया, जिसमें कहा गया था कि सरकार ATF में एथेनॉल मिलाने की तैयारी कर रही है।

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मंत्री ने कहा कि इस तरह का दावा पूरी तरह झूठा और गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) दोनों अलग-अलग चीजें हैं और इन्हें एक जैसा बताना गलत है।

SAF को बताया अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला फ्यूल

राम मोहन नायडू ने कहा कि SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त एविएशन फ्यूल है, जिसे अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) मान्यता देता है और दुनिया के कई देशों में अपनाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि SAF को इस्तेमाल से पहले कड़े परीक्षणों से गुजरना पड़ता है और यह वैश्विक सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।

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उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की गलत जानकारी फैलाने से हवाई यात्रियों के बीच बेवजह डर और भ्रम पैदा होगा।

केजरीवाल ने क्या कहा था?

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि अगर ATF में एथेनॉल मिलाया गया तो हवाई जहाज का इंजन उड़ान के दौरान बंद हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया था कि ऐसी स्थिति में कौन हवाई यात्रा करने का जोखिम उठाएगा।

बीजेपी ने भी दिया जवाब

बीजेपी प्रवक्ता अमित मालवीय ने भी केजरीवाल के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि SAF कोई कच्चा एथेनॉल नहीं है। यह आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया एविएशन ग्रेड फ्यूल है, जिसकी रासायनिक संरचना पारंपरिक ATF जैसी होती है और यह विमान के इंजनों के साथ पूरी तरह अनुकूल है।

IATA के नियम और भारत की स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने कार्बन ऑफसेटिंग एंड रिडक्शन स्कीम फॉर इंटरनेशनल एविएशन (CORSIA) के तहत सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल को अनिवार्य किया है। इसके लिए हर देश के लिए मिश्रण की एक तय सीमा है। भारत में 2027 से ATF में 1 प्रतिशत ब्लेंडिंग लागू होने की बात कही गई है।

सरकार ने नियमों में किया था संशोधन

भारत सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) से जुड़े नियमों में बदलाव किया था। नए नियमों के तहत ATF में एथेनॉल और अन्य कृत्रिम (सिंथेटिक) ईंधन मिलाने की अनुमति दी गई है। हालांकि, सरकार ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि ATF में कितनी मात्रा में इनका मिश्रण करना अनिवार्य होगा। यह बदलाव प्रदूषण कम करने और आयातित तेल पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से किया गया है।

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