
राम मंदिर ट्रस्ट की कमान अब रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के हाथ, ऑपरेशन सिंदूर में निभा चुके हैं अहम भूमिका
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला CEO मिल गया है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारतीय वायुसेना में लंबा अनुभव रखने वाले मिश्र का ऑपरेशन सिंदूर से भी खास कनेक्शन रहा है। साथ ही ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल हुए हैं।

In Short
- रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO बनाया गया है।
- जितेंद्र मिश्र ने भारतीय वायुसेना में 39 साल से ज्यादा सेवा दी और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड को लीड किया।
- ट्रस्ट में मदन मोहन पांडेय, महेश भागचन्दका और निर्मला यादव को भी नए ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया है।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले CEO के नाम का ऐलान कर दिया है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को राम मंदिर ट्रस्ट का CEO नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें मदन मोहन पांडेय, महेश भागचन्दका और निर्मला यादव शामिल हैं।
कौन हैं जितेंद्र मिश्र?
जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना के पूर्व फाइटर पायलट हैं। उन्होंने इंडियन एयर फोर्स में 39 साल से ज्यादा समय तक सेवा दी है। जनवरी 2025 में उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड की जिम्मेदारी संभाली थी, जिसे वायुसेना की अहम ऑपरेशनल कमांड में गिना जाता है।

इसके कुछ महीनों बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने इस कमांड का नेतृत्व किया। अब उन्हें राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल
ट्रस्ट में अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचन्दका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को नया ट्रस्टी बनाया गया है। तीनों राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।
चंपत राय, अनिल मिश्रा के इस्तीफे और विमलेंद्र मोहन के निधन के बाद ट्रस्ट में तीन पद खाली हुए थे। महेश भागचन्दका अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं, जबकि मदन मोहन पांडेय हाईकोर्ट में मंदिर पक्ष के वकील रहे हैं।
शलभमणि त्रिपाठी ने दी बधाई
देवरिया के विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जितेंद्र मिश्र को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। उन्होंने इसे देवरिया, पूर्वांचल और देश के लिए गर्व का पल बताया।
उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट जैसी ऐतिहासिक और पवित्र जिम्मेदारी जितेंद्र मिश्र के हाथों में जाना खुशी और गौरव की बात है।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने CEO की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रस्ट में पहले सामने आए चंदे से जुड़े विवादों का मुद्दा उठाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे ‘राम धन’ की चोरी नहीं होगी। उन्होंने अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी के रूप में विकसित किए जाने की बात भी कही।
CEO के लिए आए थे 5,585 आवेदन
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू हुई थी। इस पद के लिए कुल 5,585 आवेदन मिले थे। जस्टिस रिटायर्ड प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया और तीन नाम ट्रस्ट के अध्यक्ष को सौंपे थे।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के मुताबिक, पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता के लिए CEO जरूरी है। CEO ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे और उनके पास प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक जिम्मेदारियां होंगी।
