राम मंदिर में दान करते ही मिलेगी रसीद, ट्रस्ट ने शुरू की नई डिजिटल व्यवस्था
राम मंदिर में दान करने वाले लोगों के लिए ट्रस्ट ने नई व्यवस्था शुरू की है। अब दान करते ही रसीद मिल जाएगी और रिकॉर्ड संभालकर रखना आसान होगा। चढ़ावा चोरी के मामले के बाद यह बदलाव क्यों किया गया और इससे श्रद्धालुओं को क्या फायदा होगा, पढ़ें पूरी खबर।

In Short
- ऑनलाइन दान पूरा होते ही श्रद्धालुओं को तुरंत डिजिटल रसीद मिलेगी, जिसे वे डाउनलोड कर सुरक्षित रख सकेंगे।
- मंदिर परिसर में ऑफलाइन दान करने वाले हर श्रद्धालु को भी अब अनिवार्य रूप से रसीद दी जाएगी।
- चढ़ावा चोरी मामले और रसीद में देरी की शिकायतों के बाद ट्रस्ट ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू की।
Ram Mandir Donation: राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। दान की प्रक्रिया को ज्यादा साफ और भरोसेमंद बनाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की गई है।
अब ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन दान करने वाले श्रद्धालुओं को भुगतान पूरा होते ही डिजिटल रसीद मिल जाएगी। इससे श्रद्धालुओं के पास उनके दान का रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध रहेगा और जरूरत पड़ने पर दान से जुड़ी जानकारी की जांच भी आसानी से की जा सकेगी।
तुरंत डाउनलोड कर सकेंगे डिजिटल रसीद
श्रद्धालु ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन दान कर सकते हैं। दान की प्रक्रिया पूरी होते ही सिस्टम अपने आप डिजिटल रसीद जारी कर देगा। श्रद्धालु इसे तुरंत डाउनलोड करके अपने मोबाइल या कंप्यूटर में सुरक्षित रख सकेंगे।
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इससे श्रद्धालुओं को रसीद के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनके पास दान का प्रमाण भी उसी समय मौजूद रहेगा।
ऑनलाइन दान के लिए देनी होगी ये जानकारी
ऑनलाइन दान करते समय श्रद्धालुओं को अपना नाम और दान देने का कारण बताना होगा। इसके साथ ही पैन नंबर, दान की तारीख, दान की रकम, पता, राज्य, जिला, देश, पिनकोड, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा।
सभी जरूरी जानकारी भरने और दान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल रसीद अपने आप तैयार हो जाएगी।
दान से जुड़ी परेशानी पर मिलेगी मदद
दान से जुड़ी किसी भी समस्या या जानकारी के लिए ट्रस्ट ने अपनी वेबसाइट पर मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की है। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालु इन माध्यमों से संपर्क कर मदद ले सकेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद कई श्रद्धालुओं ने समय पर दान की रसीद नहीं मिलने की शिकायत की थी। इन शिकायतों को देखते हुए ट्रस्ट ने तुरंत डिजिटल रसीद देने की व्यवस्था शुरू की है।
ऑफलाइन दान पर भी रसीद जरूरी
मंदिर परिसर में नकद या दूसरे ऑफलाइन तरीकों से दान करने वाले श्रद्धालुओं को भी अब रसीद देना जरूरी होगा। ट्रस्ट का मानना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के दान का पूरा रिकॉर्ड रहने से व्यवस्था ज्यादा साफ होगी और श्रद्धालुओं का भरोसा भी बढ़ेगा।

