ITR Filing 2026: NRI ने चुना गलत फॉर्म, तो अटक सकता है रिफंड; जानें आपके लिए कौन सा विकल्प है सही
NRI के लिए ITR भरते समय सही फॉर्म चुनना बेहद जरूरी है। आमतौर पर बिना कारोबार या पेशे से कमाई वाले NRI को ITR-2 भरना चाहिए, जबकि बिजनेस से कमाई होने पर ITR-3 सही है। गलती से ITR-1 भरने पर रिफंड अटक सकता है और नोटिस भी आ सकता है।

In Short
- ज्यादातर NRI को ITR-1 के बजाय ITR-2 भरना चाहिए।
- भारत में बिजनेस या पेशे से कमाई करने वाले NRI के लिए ITR-3 जरूरी है।
- ITR जमा करने के बाद ई-वेरिफिकेशन नहीं किया, तो रिटर्न पूरा नहीं माना जाएगा।
ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरते समय सही फॉर्म चुनना बहुत जरूरी है। खासकर विदेश में रहने वाले भारतीयों यानी NRI के लिए गलत फॉर्म भरना परेशानी बढ़ा सकता है। कई लोगों को लगता है कि अगर भारत में उनकी कमाई सिर्फ सैलरी, पेंशन या बैंक ब्याज से है, तो वे ITR-1 भर सकते हैं। लेकिन आमतौर पर NRI को ITR-1 भरने की इजाजत नहीं होती।
अगर कोई NRI गलत ITR फॉर्म भर देता है, तो टैक्स विभाग उसके रिटर्न को गलत या अधूरा मान सकता है। इससे रिफंड मिलने में देरी हो सकती है, नोटिस आ सकता है और दोबारा सही रिटर्न भरना पड़ सकता है।
ज्यादातर NRI के लिए ITR-2 सही
अगर कोई NRI भारत में कारोबार नहीं करता और किसी पेशे से कमाई नहीं करता, तो उसके लिए आमतौर पर ITR-2 सही फॉर्म है।
इस फॉर्म में भारत में मिलने वाली सैलरी, पेंशन, बैंक ब्याज और मकान के किराये से होने वाली कमाई की जानकारी दी जाती है। अगर किसी NRI ने शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेची है और उससे फायदा या नुकसान हुआ है, तो वह जानकारी भी ITR-2 में दी जाती है।
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भारत में मौजूद मकान या दूसरी प्रॉपर्टी से किराया पाने वाले NRI को भी आमतौर पर ITR-2 भरना चाहिए।
कारोबार से कमाई है तो ITR-3 भरें
अगर कोई NRI भारत में अपना कारोबार चलाता है या डॉक्टर, वकील, सलाहकार जैसे किसी पेशे से कमाई करता है, तो उसे ITR-3 भरना चाहिए। सही फॉर्म भरने से कमाई, टैक्स और छूट से जुड़ी जानकारी ठीक तरीके से दी जा सकती है।
ITR-1 भरने पर क्या दिक्कत हो सकती है?
ITR-1 केवल भारत में रहने वाले उन लोगों के लिए है, जो तय नियमों को पूरा करते हैं। अगर कोई NRI गलती से ITR-1 भरता है, तो टैक्स विभाग उसके रिटर्न को आयकर कानून की धारा 139(9) के तहत गलत या अधूरा बता सकता है।
इसके बाद उसे नया या सुधारा हुआ रिटर्न भरना पड़ सकता है। इससे रिफंड रुक सकता है और विभाग कुछ और कागजात भी मांग सकता है।
ITR भरने से पहले ये कागजात रखें
NRI को PAN कार्ड, Form 26AS, AIS और NRO-NRE बैंक खातों की स्टेटमेंट तैयार रखनी चाहिए। सैलरी या पेंशन होने पर Form 16, प्रॉपर्टी के किराये के रिकॉर्ड और शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचने से हुए फायदे-नुकसान की जानकारी भी रखनी होगी।
अगर विदेश में टैक्स दिया है, तो DTAA के तहत राहत लेने के लिए उससे जुड़े कागजात भी जरूरी होंगे।
रिटर्न जमा करने के बाद वेरिफाई जरूर करें
ITR जमा करने के बाद ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। इसे आधार OTP, नेट बैंकिंग, बैंक खाते, डीमैट खाते या ITR-V को CPC बेंगलुरु भेजकर पूरा किया जा सकता है। ई-वेरिफिकेशन के बिना रिटर्न पूरा नहीं माना जाएगा।

