
कैश से मोबाइल चैट और प्लॉट तक... राम मंदिर चढ़ावा केस की 74 हजार पन्नों की चार्जशीट में क्या-क्या मिला?
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ करीब 74 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच में CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, CDR, बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को अहम सबूत बनाया गया है।

In Short
- राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ करीब 74 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल।
- CCTV जांच में गणना कक्ष से रकम हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आने का पुलिस का दावा।
- जांच के दौरान करीब 79.85 लाख रुपये नकद समेत सोने-चांदी के आभूषण और अमेरिकी डॉलर बरामद।
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट 23 सितंबर 2026 को अयोध्या की विशेष एंटी करप्शन कोर्ट में दाखिल की गई। करीब 74 हजार पन्नों की इस चार्जशीट में CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, CDR, बैंक खातों, संपत्तियों, वाहनों, बरामदगी और गवाहों के बयानों को अहम सबूत बनाया गया है।
8 लोगों को बनाया गया आरोपी
चार्जशीट में अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, करुणेश पाण्डेय, मनीष कुमार यादव, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस का दावा है कि चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी बैंक तक पहुंचने से पहले ही गणना कक्ष में हुई। जांच का मुख्य फोकस मंदिर में जमा नकदी की गिनती से लेकर बैंक में जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया पर रहा।
CCTV में 105 घटनाओं का दावा
पुलिस के मुताबिक CCTV फुटेज की जांच में गणना कक्ष में चढ़ावे की रकम को कथित तौर पर हटाने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आईं। जांच एजेंसी ने इन फुटेज को मोबाइल डेटा, CDR और गवाहों के बयानों के साथ जोड़कर देखा।
पुलिस का कहना है कि बैंक तक रकम पहुंचाने की प्रक्रिया में चोरी के सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में कथित हेराफेरी का मुख्य चरण गणना कक्ष को माना गया है।
बाथरूम से मिले 2.25 लाख रुपये
चार्जशीट में 4 जून 2026 को गणना कक्ष के बाथरूम से 2.25 लाख रुपये मिलने की घटना का भी जिक्र है। पुलिस के अनुसार चेकिंग शुरू होने के बाद रकम को बाथरूम में छिपाए जाने की बात सामने आई। इस रकम का वीडियो बनाकर ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय को भेजे जाने का भी उल्लेख है।

चार्जशीट में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान भी शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है और इनके बयान गवाह के तौर पर दर्ज किए गए हैं।
मोबाइल चैट और CDR भी जांच का हिस्सा
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डेटा और CDR की भी जांच की। चार्जशीट के मुताबिक कुछ आरोपियों के बीच कैश के बंडलों को रखने, छिपाने, बदलने और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से जुड़ी बातचीत और संदेश मिले।
पुलिस का दावा है कि डिजिटल और मौखिक साक्ष्यों को साथ देखने पर आरोपियों के बीच कथित समन्वय और आपराधिक साजिश की तस्वीर सामने आती है।
करीब 79.85 लाख रुपये नकद बरामद
जांच के दौरान आरोपियों से करीब 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा चांदी, सोने के आभूषण और अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए गए। कुछ रकम बाथरूम, भूसे और उपलों के बीच छिपी होने की बात जांच में सामने आई।
पुलिस ने आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों, संपत्तियों, वाहनों और आभूषणों की भी जांच की। जमीन, मकान और गाड़ियों की खरीद से जुड़े लेनदेन को भी जांच के दायरे में रखा गया।
190 गवाहों के बयान दर्ज
SIT की जांच में करीब 190 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा बैंक रिकॉर्ड, संपत्तियों का विवरण, डिजिटल साक्ष्य और फोरेंसिक ऑडिट समेत कई दस्तावेज जुटाए गए।
गणना कक्ष के प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव पर भी पुलिस ने लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार उनकी जिम्मेदारी रकम की गिनती, बंडल तैयार कराने और बैंक कर्मचारियों को रकम सौंपने की प्रक्रिया की निगरानी करना थी। आरोप है कि निर्धारित SOP के बावजूद कर्मचारियों की ठीक से चेकिंग और फ्रिस्किंग नहीं कराई गई।
803 कीमती दान वस्तुओं का सत्यापन
SIT ने मंदिर की बहुमूल्य दान सामग्री की भी जांच की। सॉफ्टवेयर में दर्ज 803 कीमती दान वस्तुओं का भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस के मुताबिक इस जांच में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली।
हालांकि चार्जशीट में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सबूतों की जांच के बाद ही होगी।

