scorecardresearch

परीक्षा सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी, 13 सितंबर तक छात्र और शिक्षक दे सकेंगे सुझाव

देश की पब्लिक परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार की हाई-पावर्ड टास्क फोर्स ने लोगों से सुझाव मांगे हैं। छात्र, अभिभावक, शिक्षक और आम नागरिक 13 सितंबर 2026 तक अपनी राय भेज सकते हैं। मिले फीडबैक के आधार पर टास्क फोर्स अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगी।

Advertisement

In Short

  • पब्लिक परीक्षाओं में सुधार के लिए HPTF ने शुरू किया पब्लिक कंसल्टेशन
  • छात्र अभिभावक और शिक्षक 13 सितंबर 2026 तक दे सकते हैं सुझाव
  • व्हाट्सऐप वेब पोर्टल ईमेल और टोल फ्री नंबर से भेजा जा सकता है फीडबैक

देश में होने वाली पब्लिक परीक्षाओं के सिस्टम में बदलाव की तैयारी चल रही है। अब छात्र, अभिभावक, शिक्षक और आम नागरिक भी सीधे अपने सुझाव दे सकते हैं। केंद्र सरकार की ओर से गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स यानी HPTF ने इसके लिए पब्लिक कंसल्टेशन शुरू किया है। इसका मकसद राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना है।

advertisement

नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनी टास्क फोर्स

भारत सरकार की ओर से गठित HPTF की अध्यक्षता नंदन नीलेकणी कर रहे हैं। यह टास्क फोर्स पब्लिक परीक्षाओं के आयोजन, सुरक्षा, डिजाइन और गवर्नेंस में सुधार के उपायों पर काम कर रही है।

इसके दायरे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की ओर से आयोजित की जाने वाली परीक्षाएं भी शामिल हैं। टास्क फोर्स का जोर ऐसा सिस्टम तैयार करने पर है, जिसमें परीक्षा से जुड़े मौजूदा मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सुधार किए जा सकें।

13 सितंबर तक भेज सकते हैं सुझाव

ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सुझाव भेजने के कई तरीके उपलब्ध कराए गए हैं। छात्र, अभिभावक, शिक्षक और दूसरे लोग व्हाट्सऐप, वेब पोर्टल, ईमेल और टोल-फ्री नंबर के जरिए अपनी राय दे सकते हैं।

फीडबैक भेजने की आखिरी तारीख 13 सितंबर 2026 रखी गई है। लोग अपने सुझाव अंग्रेजी, हिंदी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में भेज सकते हैं।

किन मुद्दों पर काम कर रही टास्क फोर्स?

टास्क फोर्स के दायरे में संस्थागत सिस्टम और प्रक्रियाओं को मजबूत करना शामिल है। इसके अलावा सुरक्षित टेक्नोलॉजी को शामिल करने, परीक्षा के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और अलग-अलग सामाजिक, आर्थिक और क्षेत्रीय वर्गों के लिए परीक्षाओं को ज्यादा सुलभ बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

छात्रों की भलाई को भी इसमें प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ परीक्षा में गड़बड़ी रोकने और उसका पता लगाने के ठोस उपायों पर भी काम किया जा रहा है।

शिकायतों के समाधान पर भी फोकस

HPTF असेसमेंट के तरीकों को बेहतर बनाने और शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए सिस्टम तैयार करने पर भी विचार कर रही है।

टास्क फोर्स ने उम्मीदवारों, शैक्षणिक संस्थानों, राज्य सरकारों, विषय विशेषज्ञों, टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स, सिविल सोसायटी और इंडस्ट्री संगठनों से भी अपने अनुभव और सुझाव साझा करने को कहा है।

advertisement

सरकार की अंतिम सिफारिशों में काम आएगा फीडबैक

इस पब्लिक कंसल्टेशन के जरिए मिलने वाले सुझावों का इस्तेमाल HPTF की अंतिम सिफारिशें तैयार करने में किया जाएगा। इसके बाद टास्क फोर्स अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगी। इस तरह परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया में छात्रों से लेकर आम नागरिकों तक को अपनी बात रखने का मौका दिया गया है।