
4399 दिन पूरे! कैबिनेट ने तालियां बजाकर किया स्वागत; पीएम मोदी बने सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए निरंतर पीएम के रूप में 4,399 दिनों तक सेवा का रिकॉर्ड बनाया है। इस मौके पर आज जब कैबिनेट की बैठक हुई तो तालियों से पीएम मोदी का सभी मंत्रियों ने स्वागत किया।

PM Modi 12 Years of office: आज 10 जून 2026 का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नया अध्याय लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार सेवा करने का एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। उन्होंने देश के लिए निरंतर पीएम के रूप में 4,399 दिनों तक सेवा का रिकॉर्ड बनाया है।
इस मौके पर आज जब कैबिनेट की बैठक हुई तो तालियों से पीएम मोदी का सभी मंत्रियों ने स्वागत किया।


स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी ने इतने लंबे समय तक इस पद पर रहते हुए निरंतर देश का नेतृत्व किया है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1952 से 1964 के बीच 4,398 दिनों तक इस पद को संभाला था।
यह उपलब्धि सीधे तौर पर जनविश्वास और उस संकल्प का परिणाम है, जिसे मोदी ने 2014 में अपने शपथ ग्रहण के दौरान 'प्रधान सेवक' के रूप में व्यक्त किया था। उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार ने भी अपने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। मोदी सरकार के कामकाज का यह सफर सेवा, साहस और राष्ट्र निर्माण की एक लंबी साधना की तरह रहा है।
गरीब कल्याण से विकसित भारत का सफर
बीते 12 वर्षों में मोदी सरकार की नीतियां शासन के केंद्र में गरीब कल्याण को लेकर आगे बढ़ी हैं। सरकार ने करोड़ों लोगों को पक्के घर, बिजली, शुद्ध पानी और रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाएं दीं। वित्तीय समावेशन के तहत बैंक खाते खुलवाकर सीधे सरकारी मदद पहुंचाने की व्यवस्था ने बिचौलियों का खेल खत्म किया। प्रधानमंत्री की नीतियों का ही असर है कि देश के 25 करोड़ से अधिक नागरिक गरीबी के दायरे से बाहर आ पाए हैं।
युवा शक्ति, महिला विकास और किसान कल्याण उनके शासन के प्रमुख स्तंभ रहे हैं। स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में भारत का दुनिया में नाम होना हो या 'लखपति दीदी' जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, हर कदम पर व्यावहारिक सोच दिखी है। कृषि निर्यात का 5 लाख करोड़ के पार पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि खेती-किसानी को आधुनिक बनाने के प्रयास सफल रहे हैं।
सुरक्षा और वैश्विक मंच पर भारत की धमक
प्रधानमंत्री मोदी ने कठिन और लंबित फैसलों को अमलीजामा पहनाकर अपनी निर्णायक छवि को और मजबूत किया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना हो, जीएसटी लागू करना हो या फिर तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाना, उन्होंने हमेशा राष्ट्र प्रथम के भाव को प्राथमिकता दी। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में भी सरकार ने सीमा-पार आतंकवाद पर कड़े प्रहार किए और सिंधु नदी समझौते जैसे दशकों पुराने जटिल मसलों पर कड़ा रुख अपनाया।
वैश्विक पटल पर भी आज भारत की आवाज को पहले से कहीं अधिक सम्मान और प्रतिष्ठा मिल रही है। जी-20 की सफल अध्यक्षता और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के जरिए भारत ने अपनी सॉफ्ट पावर और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है। मंत्रिमंडल ने इस ऐतिहासिक पड़ाव पर प्रधानमंत्री को बधाई दी है और विश्वास जताया है कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।

