'कोरोना के वक्त सभी देशों ने हमें निराश किया', पीयूष गोयल ने Pfizer और Moderna को लेकर क्या कहा?
कोरोना महामारी के दौरान भारत को दूसरे देशों से मदद मांगने पर भी निराशा हाथ लगी थी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने Bloomberg New Economy Forum में यह दावा करते हुए Pfizer और Moderna की वैक्सीन को लेकर भी अहम बातें कहीं। उन्होंने बताया कि कैसे इस अनुभव ने भारत को आत्मनिर्भर बनने और भरोसेमंद देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ाया।

In Short
- पीयूष गोयल ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान दूसरे देशों से भारत को पर्याप्त मदद नहीं मिली।
- गोयल के मुताबिक, Pfizer और Moderna की वैक्सीन हासिल करने की कोशिशों में भी भारत को निराशा मिली।
- उन्होंने बताया कि महामारी के अनुभव ने आत्मनिर्भर भारत और भरोसेमंद व्यापारिक साझेदारी की जरूरत बढ़ाई।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कोरोना महामारी के दौरान भारत के सामने आई मुश्किलों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि COVID-19 संकट के समय भारत ने कई देशों से मदद मांगी थी, लेकिन किसी ने उम्मीद के मुताबिक साथ नहीं दिया। इसी अनुभव ने भारत को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
नई दिल्ली में आयोजित Bloomberg New Economy Forum में एक चर्चा के दौरान गोयल ने कहा कि कोरोना महामारी ने दिखाया कि वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने पर 140 करोड़ की आबादी वाले भारत जैसे देश को कितनी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
गोयल के मुताबिक, महामारी के दौरान भारत को अपनी जरूरतों के हिसाब से जरूरी सामान नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि जब भी भारत ने PPE किट, कोविड टेस्टिंग किट या वैक्सीन के ऑर्डर दिए, दूसरे देशों ने उसे बुरी तरह निराश किया।
Pfizer और Moderna की वैक्सीन को लेकर क्या बोले गोयल?
पीयूष गोयल ने कहा कि जब भारत को Pfizer और Moderna की वैक्सीन की जरूरत थी, तब पश्चिमी देशों ने उन्हें उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। उनके मुताबिक, संबंधित कंपनियां भारतीय बाजार में वैक्सीन लाने के लिए आवेदन करने को भी तैयार नहीं थीं, जबकि भारत सभी शर्तों में छूट देने के लिए तैयार था।
उन्होंने दावा किया कि उस मुश्किल समय में ज्यादातर देश केवल अपनी जरूरतें पूरी करने में लगे थे, जबकि भारत ने दूसरे देशों की मदद की।
गोयल ने कहा कि भारत ने जरूरतमंद देशों को दवाइयां उपलब्ध कराईं। इसके अलावा 100 से ज्यादा देशों को खाद्यान्न और वैक्सीन भी भेजीं। कुछ देशों को मुफ्त में खाद्यान्न दिया गया।
आत्मनिर्भर भारत और व्यापार समझौतों पर क्या कहा?
पीयूष गोयल ने कहा कि महामारी के दौरान मिले अनुभवों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत दुनिया से अलग नहीं होना चाहता, बल्कि भरोसेमंद देशों के साथ मजबूत साझेदारी बनाना चाहता है। उनका कहना था कि जरूरी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और विश्वसनीय देशों के साथ व्यापारिक सहयोग के बीच संतुलन बनाना भारत की प्राथमिकता है।
गोयल के मुताबिक, पिछले करीब साढ़े चार वर्षों में भारत ने 38 विकसित देशों के साथ तरजीही व्यापार समझौते किए हैं।
उन्होंने बताया कि भारत फिलहाल कनाडा, मेक्सिको, खाड़ी सहयोग परिषद के अन्य देशों, दक्षिणी अफ्रीकी विकास समुदाय, मर्कोसुर और यूरेशिया समेत कई साझेदारों के साथ बातचीत कर रहा है।
गोयल ने कहा कि भारत का उद्देश्य अपने बाजार दुनिया के लिए खोलना है, साथ ही भारतीय कंपनियों को भी दूसरे देशों के बाजारों में समान अवसर दिलाना है।
उन्होंने बताया कि भारत वैश्विक स्तर पर अपने व्यापारिक समझौतों का दायरा लगभग 85 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं तक बढ़ाना चाहता है, जबकि दुनिया की कुल GDP करीब 115 लाख करोड़ डॉलर है।

