
आदित्य बिड़ला ग्रुप का मेगा इन्वेस्टमेंट प्लान! भारत से अमेरिका तक 30 अरब डॉलर लगाने की तैयारी
दुनियाभर में बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच कुमार मंगलम बिड़ला ने बड़ा निवेश प्लान तैयार किया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, आदित्य बिड़ला ग्रुप अगले 2-3 साल में भारत और विदेशों में अरबों डॉलर निवेश करने की तैयारी में है। अमेरिका में भी निवेश बढ़ेगा, लेकिन AI को लेकर ग्रुप की रणनीति कुछ अलग रहने वाली है। आखिर क्या है बिड़ला का पूरा प्लान?

In Short
- आदित्य बिड़ला ग्रुप अगले 2-3 साल में 30 अरब डॉलर तक निवेश करेगा।
- अमेरिका में निवेश बढ़ाने की तैयारी, नोवेलिस के प्रोजेक्ट पर 5 अरब डॉलर खर्च होंगे।
- AI में जल्दबाजी नहीं करेगा ग्रुप, सोच-समझकर निवेश बढ़ाने की योजना।
दुनियाभर में चल रहे तनाव, अमेरिकी टैरिफ नीतियों और कारोबार से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla) ने बड़ा निवेश प्लान सामने रखा है। उनका ग्रुप अगले दो से तीन साल में भारत और विदेशों में अपने अलग-अलग कारोबारों पर 30 अरब डॉलर तक निवेश करने की तैयारी कर रहा है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद बिड़ला कारोबार के विस्तार को जरूरी मानते हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कुमार मंगलम बिड़ला ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम (Bloomberg New Economy Forum) में कहा कि कारोबार में लगातार आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा, "या तो आप आगे बढ़ते हैं या फिर नीचे जाते हैं। आप एक ही स्थिति में बने नहीं रह सकते।" कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि ग्रुप अमेरिका में भी अपना निवेश बढ़ा रहा है।
41 देशों में फैला है आदित्य बिड़ला ग्रुप का कारोबार
आदित्य बिड़ला ग्रुप इस समय दुनिया के 41 देशों में कारोबार करता है। मार्च में खत्म हुए वित्त वर्ष में ग्रुप का कुल रेवेन्यू 72 अरब डॉलर रहा। जून तक ग्रुप की कुल बिक्री का करीब 42 फीसदी हिस्सा भारत के बाहर से आया था।
ग्रुप के प्रमुख कारोबारों में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries), अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement), आदित्य बिड़ला कैपिटल और आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल शामिल हैं।
नए कारोबारों में भी बढ़ा रहा मौजूदगी
आदित्य बिड़ला ग्रुप अपने पुराने कारोबारों के साथ नए सेक्टर में भी तेजी से विस्तार कर रहा है। पेंट कारोबार में बिरला ओपस (Birla Opus), बिल्डिंग मटेरियल के लिए बिरला पिवट (Birla Pivot) और ज्वेलरी रिटेल में इंद्रिया (Indriya) के जरिए ग्रुप अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है।
इसके अलावा ग्रुप ने शेल (Shell) के रिन्यूएबल एनर्जी एसेट्स का 1.8 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया है। इलेक्ट्रिक केबल कारोबार में भी अल्ट्रावोल्ट (Ultravolt) ब्रांड लॉन्च किया गया है।
अमेरिका में 5 अरब डॉलर का बड़ा प्रोजेक्ट
बिड़ला के बताए 30 अरब डॉलर के निवेश प्लान में अमेरिका के अलबामा स्थित बे मिनेट में नोवेलिस (Novelis) का 5 अरब डॉलर का प्रोजेक्ट भी शामिल है। यहां एल्युमीनियम रीसाइक्लिंग और रोलिंग प्लांट तैयार किया जा रहा है।

बिड़ला ने कहा कि ग्रुप का कारोबार कई देशों में फैला है। ऐसे में दुनिया की कोई भी बड़ी घटना उनके किसी न किसी कारोबार को प्रभावित कर सकती है।
AI में निवेश को लेकर क्या है रणनीति?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि ग्रुप अब इसमें निवेश थोड़ा धीरे-धीरे करेगा, जबकि एक साल पहले इसकी रफ्तार तेज रखने की योजना थी।
उन्होंने कहा कि सिर्फ पीछे छूट जाने के डर यानी FOMO के कारण जल्दबाजी में फैसला लेने की जरूरत नहीं है। बिड़ला के मुताबिक, ग्रुप के अलग-अलग कारोबारों में AI अपनाने के लिए एक जैसी रणनीति नहीं बनाई जा सकती।
इस तरह वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ग्रुप कारोबार विस्तार जारी रखना चाहता है, लेकिन AI में निवेश को लेकर सोच-समझकर आगे बढ़ने की रणनीति अपना रहा है।
