मानसून पर मंडराया सूखी हवाओं का खतरा, दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश कमजोर; आगे क्या होगा?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में मजबूत हो रही रिज यानी उच्च दबाव वाली स्थिति मानसून की सामान्य प्रगति को प्रभावित कर रही है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून अब एक मुश्किल दौर में प्रवेश करता दिख रहा है। पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही ड्राई नॉर्थ-वेस्ट हवाएं देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को कमजोर कर रही हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में मजबूत हो रही रिज यानी उच्च दबाव वाली स्थिति मानसून की सामान्य प्रगति को प्रभावित कर रही है।
उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ा सूखे का असर
मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि शुष्क हवाओं के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR, राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में वातावरण में नमी कम हो रही है। इससे इन क्षेत्रों में बारिश की संभावनाएं कमजोर हुई हैं।
वहीं, महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों में भी इस सप्ताह मौसम काफी हद तक सूखा रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति इसलिए चिंता बढ़ा रही है क्योंकि ड्राई हवा की एंट्री बंगाल की खाड़ी में बनने वाले लो-प्रेशर सिस्टम को देश के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने में बाधा डाल सकती है। यही सिस्टम भारत में बड़े पैमाने पर मानसूनी बारिश के लिए जिम्मेदार होते हैं।
पूर्वी और मध्य भारत में जारी रह सकती है बारिश
जहां उत्तर-पश्चिम और पश्चिमी भारत में बारिश कमजोर पड़ रही है, वहीं पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश हो सकती है।
हालांकि, बारिश का यह असमान वितरण पूरे देश के मानसून प्रदर्शन पर असर डाल सकता है। कुछ इलाकों में ज्यादा बारिश के बावजूद कई बड़े क्षेत्र सामान्य से कम बारिश का सामना कर रहे हैं।
सितंबर में सुधार की उम्मीद कमजोर
देश में मौजूदा सीजन की कुल बारिश सामान्य से 13 फीसदी कम है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में यह कमी और बढ़ सकती है। लंबी अवधि के पूर्वानुमानों में सितंबर में मानसून की बड़ी वापसी के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिक इस स्थिति को लेकर यह भी चर्चा कर रहे हैं कि क्या भारत मानसून के सामान्य ब्रेक फेज में प्रवेश कर रहा है या फिर मानसून की वापसी के शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, अभी कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अगस्त के अंत तक तस्वीर ज्यादा साफ होने की उम्मीद है।

