अब घर की दीवारें भी बनाएंगी बिजली! Solar Brick तकनीक से सोलर एनर्जी को मिलेगा नया रूप
सोलर पैनल अब सिर्फ छतों तक सीमित नहीं रहेंगे। कनाडा की कंपनी Mitrex ने Solar Brick तकनीक पेश की है, जो इमारतों की बाहरी दीवारों को बिजली बनाने वाली सतह में बदलने का काम करती है। यह तकनीक नई और पुरानी दोनों इमारतों में इस्तेमाल की जा सकती है।

In Short
- Mitrex Solar Brick में सोलर सेल्स को इमारत की बाहरी दीवारों के डिजाइन में शामिल किया गया है।
- एक Solar Brick पैनल 330 वॉट तक बिजली पैदा कर सकता है और कई पैनल जोड़कर क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
- इस तकनीक में एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग और अलग-अलग डिजाइन के हिसाब से बदलाव की सुविधा दी गई है।
Mitrex Solar Brick: घर बनाने में ईंटों का इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है, लेकिन कनाडा की सोलर टेक्नोलॉजी कंपनी Mitrex ने इस पारंपरिक निर्माण सामग्री को नई तकनीक से जोड़ने की कोशिश की है। कंपनी का Solar Brick सिस्टम इमारतों की बाहरी दीवारों को बिजली बनाने वाली सतह में बदलने के लिए डिजाइन किया गया है।
क्या है Mitrex Solar Brick तकनीक?
Solar Brick एक बिल्डिंग इंटीग्रेटेड फोटोवोल्टिक (BIPV) सिस्टम है, जिसमें सोलर तकनीक को ईंट जैसी बाहरी डिजाइन के साथ जोड़ा गया है।
आमतौर पर सोलर पैनल छतों पर लगाए जाते हैं, लेकिन इस सिस्टम में फोटोवोल्टिक सेल्स को इमारतों की बाहरी दीवारों यानी फसाड में लगाया जाता है। इससे दीवारें बिजली बनाने का काम कर सकती हैं और इमारत का डिजाइन भी बरकरार रहता है।
नई और पुरानी दोनों इमारतों में हो सकता है इस्तेमाल
इस तकनीक की खास बात यह है कि इसे सिर्फ नई इमारतों में ही नहीं, बल्कि पुराने घरों और बिल्डिंग्स में भी लगाया जा सकता है। पुरानी इमारतों में इसे री-क्लैडिंग या ओवर-क्लैडिंग के जरिए लगाया जा सकता है। इससे मौजूदा दीवारों को बिजली बनाने वाली सतह में बदला जा सकता है।
Mitrex के अनुसार, इस तकनीक का इस्तेमाल हाल ही में 59 किलोवाट के एक प्रोजेक्ट में किया गया, जिसमें करीब 4,000 वर्ग फीट क्षेत्र को कवर किया गया था। इस प्रोजेक्ट में पुरानी इमारत के डिजाइन को बनाए रखते हुए उसे बिजली बनाने वाली संरचना में बदला गया।
एक पैनल बना सकता है 330 वॉट तक बिजली
कंपनी के मुताबिक, Solar Brick का एक पैनल 330 वॉट तक बिजली पैदा कर सकता है। जरूरत के अनुसार कई पैनल जोड़कर सिस्टम की क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
उदाहरण के तौर पर, 10 से 12 पैनल लगाने पर करीब 3.3 किलोवाट से 4 किलोवाट तक की क्षमता वाला सिस्टम तैयार किया जा सकता है। धूप, सिस्टम के आकार और बिजली की खपत के आधार पर यह दिन के समय घर के कुछ उपकरणों को चलाने में मदद कर सकता है।
कम रखरखाव और अलग-अलग डिजाइन में बदलाव की सुविधा
Solar Brick में एक खास कोटिंग का इस्तेमाल किया गया है, जो तेज रोशनी की चमक को कम करने में मदद करती है। यह एंटी-रिफ्लेक्टिव सतह की तरह काम करती है और धूल-मिट्टी को आसानी से जमा होने से रोकने में मदद कर सकती है।
Mitrex के अनुसार, इस सिस्टम को अलग-अलग आर्किटेक्चर और निर्माण जरूरतों के हिसाब से बदला जा सकता है। इसमें पैनल का आकार, बाहरी परत और बैकिंग विकल्पों में बदलाव की सुविधा दी गई है।
इमारतों को बिजली बनाने वाली जगह में बदलने का आइडिया
Solar Brick के पीछे का विचार यह है कि इमारतों की बाहरी दीवारों को सिर्फ सुरक्षा या सजावट के लिए इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें बिजली उत्पादन का हिस्सा बनाया जाए। इस तकनीक के जरिए बिल्डिंग की सतह ही ऊर्जा बनाने में योगदान दे सकती है।

