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AI की वजह से महंगा हो रहा McDonald's का खाना? प्राइसिंग टूल को लेकर अमेरिकी कोर्ट पहुंचा मामला

McDonald's के AI प्राइसिंग टूल को लेकर अमेरिका में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि इस सिस्टम ने खाने की कीमतों को बढ़ाने में भूमिका निभाई और फ्रेंचाइजी के बीच ऐसे डेटा का इस्तेमाल किया, जो आमतौर पर शेयर नहीं होता। हालांकि, McDonald's ने इन आरोपों को गलत बताया है।

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McDonald's के AI प्राइसिंग टूल पर अमेरिका में मुकदमा
McDonald's के AI प्राइसिंग टूल पर अमेरिका में मुकदमा

In Short

  • McDonald's के AI प्राइसिंग टूल को लेकर अमेरिका में कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर हुआ है।
  • मुकदमे में आरोप है कि प्राइसिंग सिस्टम की वजह से McDonald's की अमेरिकी कीमतें बढ़ी हैं।
  • - McDonald's ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि मेन्यू की कीमतें AI नहीं बल्कि फ्रेंचाइजी तय करती हैं।

McDonald's के AI से चलने वाले प्राइसिंग टूल को लेकर अमेरिका में कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। आरोप है कि यह टूल अलग-अलग फ्रेंचाइजी के ऐसे डेटा का इस्तेमाल करता है, जो आमतौर पर एक-दूसरे के साथ शेयर नहीं किया जाता। इसमें स्टोर की बिक्री से जुड़ा डेटा भी शामिल है।

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इलिनॉय में दायर इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि McDonald's का प्राइसिंग सिस्टम अमेरिकी एंटीट्रस्ट कानूनों का उल्लंघन करता है। मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि इस सिस्टम की वजह से अमेरिका में McDonald's के खाने की कीमतें बढ़ी हैं।

कैसे काम करता है AI प्राइसिंग टूल?

McDonald's के मुताबिक, वह एक दशक से ज्यादा समय से AI की मदद वाला प्राइसिंग टूल इस्तेमाल कर रहा है। यह किसी स्टोर की बिक्री, उसकी लोकेशन और आसपास के प्रतिस्पर्धियों की कीमतों जैसे कई फैक्टर्स के आधार पर मेन्यू आइटम के लिए सही कीमत का सुझाव देता है।

अमेरिका में McDonald's के करीब 14,000 स्टोर हैं और इनमें लगभग 95% स्टोर फ्रेंचाइजी चलाती हैं। कंपनी का कहना है कि कीमत तय करने का अंतिम फैसला फ्रेंचाइजी का होता है।

McDonald's ने आरोपों से किया इनकार

McDonald's ने मुकदमे में लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। कंपनी ने साफ कहा है कि AI उसके रेस्टोरेंट में मेन्यू की कीमतें तय नहीं करता।

कंपनी के मुताबिक, फ्रेंचाइजी को कुछ वैकल्पिक टूल दिए जाते हैं, ताकि वे अपने कारोबार और ग्राहकों के लिए बेहतर फैसले ले सकें। ये टूल अपने आप कीमत तय नहीं करते और न ही अलग-अलग स्टोर की कीमतों को एक साथ कंट्रोल करते हैं।

Class Action बनाने की मांग

यह मुकदमा इलिनॉय के रहने वाले ग्राहक Michael Thomas की ओर से दायर किया गया है। उनका दावा है कि उन्होंने अपने घर के पास मौजूद अलग-अलग McDonald's स्टोर पर कीमतों में अंतर देखा।

मुकदमे में कोर्ट से इसे Class Action का दर्जा देने और प्रभावित ग्राहकों के लिए हर्जाना दिलाने की मांग की गई है। साथ ही McDonald's को ऐसे समझौतों को लागू करने से रोकने की मांग की गई है, जो प्रतिस्पर्धा को सीमित करते हैं।